Bharat Tiwari Encounter: बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का रूप ले लिया है। न्याय की मांग को लेकर रविवार को भरत तिवारी के परिजन और सैकड़ों समर्थक दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरने का नेतृत्व भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी कर रहे हैं। परिवार ने साफ कहा है कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगों पर बातचीत नहीं करती और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मां आशा देवी भी रही आंदोलन का हिस्सा
धरने में भरत तिवारी की मां आशा देवी भी शामिल हुई हैं। इससे पहले उन्होंने 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी और दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की बात कही थी। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी न्यायिक आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं।
हालांकि, रविवार शाम तक दिल्ली प्रशासन या आयोजकों की ओर से उनकी उपस्थिति को लेकर अलग से आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, लेकिन परिवार की ओर से उन्हें आंदोलन का हिस्सा बताया गया है।
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“सरकार से बात नहीं हुई तो धरना जारी रहेगा”
धरना स्थल से चंदन तिवारी ने कहा कि परिवार पिछले कई सप्ताह से न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा,
“बिहार सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी, इसलिए अब दिल्ली आए हैं। जब तक सरकार हमारी मांगों पर बातचीत नहीं करती, तब तक हमारा अनशन और धरना जारी रहेगा।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील भी की।
Bharat Tiwari Encounter: सरकार के सामने रखीं 5 प्रमुख मांगें
धरना दे रहे परिवार और समर्थकों ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं-
- एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
- पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
- पूरे परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
- भरत तिवारी जिन सामाजिक कार्यों और जरूरतमंद परिवारों की मदद करते थे, उन कार्यों को सरकार आगे बढ़ाए।
क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?
17 जून 2026 को बिहार के भोजपुर (आरा) में पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। पुलिस का दावा था कि भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की थी। लेकिन बाद में एक फेसबुक लाइव वीडियो सामने आया, जिसमें वह कथित तौर पर पुलिस के सामने अपनी पिस्टल फेंकते हुए दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठे और पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
घटना के बाद सबसे पहले भरत तिवारी का इलाज करने वाले सर्जन ने भी बताया था कि उन्हें शरीर में कई गोलियां लगी थीं। इसके बाद मामले की न्यायिक जांच शुरू हुई और परिवार के बयान दर्ज किए गए। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अब तक की सबसे बड़ी अपडेट
- जंतर-मंतर पर परिवार का अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
- मां आशा देवी और भाई चंदन तिवारी आंदोलन में सक्रिय।
- परिवार ने केंद्र सरकार से सीधे हस्तक्षेप की मांग की।
- पांच सूत्रीय मांगपत्र सरकार के सामने रखा गया।
- न्यायिक जांच जारी, लेकिन अभी तक किसी पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई।









