Jharkhand News: घाटशिला उपचुनाव के आखिरी प्रचार दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड राज्य झारखंडियों के सम्मान और हक के लिए बनाया था, लेकिन आज राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठ बढ़ रही है।
चंपाई सोरेन ने दावा किया कि आदिवासी बहुल इलाकों से मूल निवासी पलायन कर रहे हैं और उनकी जमीनों पर बाहरी लोग कब्ज़ा कर रहे हैं, जबकि सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार उलटे आदिवासियों की जमीनें जबरन छीन रही है।
उन्होंने कहा, “अगर किसी पार्टी ने आदिवासियों को असली सम्मान दिया है, तो वह भाजपा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंडियों की भावना को समझते हुए ओल चिकि लिपि को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया।”
मुख्यमंत्री द्वारा भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री को लेकर दिए गए “बैल” बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चंपाई सोरेन ने कहा, “गुरूजी शिबू सोरेन के साथ हमने झारखंड आंदोलन के लिए अपनी जमीन तक दे दी थी। ऐसे शब्द मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देते।”
उन्होंने अपने कार्यकाल की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “मैंने मुख्यमंत्री रहते हुए मैय्या सम्मान योजना और 200 यूनिट बिजली बिल माफी जैसी योजनाएं शुरू की थीं, जिनका श्रेय आज की सरकार झूठा ले रही है।”
भावुक लहजे में चंपाई सोरेन ने कहा कि जब हेमंत सोरेन जेल से लौटे, तो उन्होंने उनके साथ अत्यधिक बेइज्जती की, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि उन्होंने झामुमो से अलग होकर भाजपा का दामन थामा।
उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद से वे झारखंड की बदलती जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) के खिलाफ संघर्षरत हैं, और प्रधानमंत्री समेत पूरा भाजपा परिवार इस मुहिम में उनके साथ खड़ा है।
चंपाई सोरेन ने कहा कि कभी घाटशिला में ग्रामीण भाजपा का नाम लेने से डरते थे, लेकिन अब वे खुलेआम भाजपा से जुड़कर घाटशिला के विकास के मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं।









