Hazaribagh News: हजारीबाग में खास महल की 50 डिसमिल जमीन को लेकर प्रशासन और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव आमने-सामने आ गए। अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम ने जमीन पर बने निर्माण को हटाने की कार्रवाई की।
Hazaribagh में, झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव द्वारा दावे की गई खास महल जमीन पर, शुक्रवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का कार्य किया। हुरहुरु में कैंटोनमेंट मौजा में काम के दौरान, पूर्व मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच झगड़ा भी हुआ।
सदर सीओ आशुतोष कुमार के नेतृत्व में आई टीम ने JCB के सहारे जमीन पर बने निर्माण और घेराबंदी को हटाने की शुरुआत की।
प्रशासन का दावा है कि यह जमीन सरकारी खास महल भूमि है। वहीं, पूर्व मंत्री ने इस जमीन पर अधिकार से जुड़े दस्तावेज और पावर ऑफ अटॉर्नी का हवाला दिया है। इस दावे के कारण, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।
50 डिसमिल जमीन पर JCB की कार्रवाई
यह मामला कैंटोनमेंट मौजा, थाना संख्या-157 के भवन पट्टा होल्डिंग नंबर-302 से जुड़ा है। प्रशासन कहता है कि विवादित जमीन का कुल क्षेत्रफल लगभग 0.50 एकड़ यानी 50 डिसमिल है। इसमें प्लॉट 872/1235 में 0.25 एकड़, 873/1336 में 0.15 एकड़ और 893/1337 में 0.10 एकड़ जमीन शामिल है।
प्रशासन का आरोप है कि जमीन पर निर्माण करके घेराबंदी की गई थी। वहाँ खटाल बनाया गया था, जहाँ चार से पाँच गायें रखी गई थीं। इसके अलावा एक शेड भी बना हुआ था।
लगातार चौथी बार कार्रवाई करने पहुंचा प्रशासन
सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में प्रशासन ने शुक्रवार को जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि यह लगातार चौथा प्रयास है। सदर सीओ ने कहा कि जमीन सरकारी है और अनधिकृत निर्माण स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन पर निर्माण के कारण नियम के तहत अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
पूर्व मंत्री और प्रशासन के दावे अलग-अलग
इस विवाद की मुख्य बात जमीन के स्वामित्व और अधिकार पर है। प्रशासनिक रिकॉर्ड में जमीन को खास महल की सरकारी भूमि बताया गया है। दूसरी ओर, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने जमीन पर अधिकार से जुड़े दस्तावेज और पावर ऑफ अटॉर्नी का हवाला दिया है।
इसी कारण जमीन पर कार्रवाई के बारे में दोनों पक्षों का विवाद जारी है। शुक्रवार को प्रशासनिक टीम के साथ ही दोनों पक्षों के बीच तीखा झगड़ा भी दिखा।
2023 में भी हो चुकी है कार्रवाई
इस जमीन पर प्रशासन की कार्रवाई नई नहीं है। 2023 में भी, सदर अंचल अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ, यहाँ अतिक्रमण हटाया गया था। उस समय अवैध निर्माण और घेराबंदी को बुलडोजर से हटाया गया था।
अब फिर से प्रशासन की कार्रवाई के बाद जमीन का विवाद फिर से चर्चा में आया है।
Hazaribagh में 781 एकड़ खास महल जमीन का रिकॉर्ड
दरअसल, हजारीबाग जिला प्रशासन खास महल जमीन का सर्वे कर रहा है। इस सर्वे का मकसद जिले में मौजूद खास महल की जमीन का क्षेत्रफल, स्थान और वर्तमान स्थिति जानना है।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, हजारीबाग जिले में लगभग 781 एकड़ खास महल जमीन पंजीकृत है। प्रशासन उसी जमीन की स्थिति के लिए सर्वे और कार्रवाई कर रहा है।
नोट: जमीन के अधिकार को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। प्रशासन की ओर से इसे सरकारी खास महल भूमि बताया गया है, जबकि पूर्व मंत्री की ओर से अधिकार संबंधी दस्तावेज होने की बात कही जाती रही है। अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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