Ranchi: झारखंड पुलिस ने जनवरी 2025 से जून 2025 तक नक्सल, साइबर और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस अवधि में किए गए अभियानों के दौरान नक्सलियों, साइबर अपराधियों और संगठित गैंग के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में मजबूती आई है।
नक्सल विरोधी अभियान में सफलता
झारखंड पुलिस ने जून 2025 तक नक्सलियों से कुल 113 हथियार, 8591 गोलियां, 176.5 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और ₹4.51 लाख की लेवी राशि बरामद की। पुलिस ने 179 आईईडी को डिफ्यूज किया और झारखंड-ओडिशा संयुक्त अभियान में 3811 किलोग्राम जिलेटिन जब्त किया। इस दौरान 197 नक्सली गिरफ्तार किए गए, जिनमें कई बड़े इनामी शामिल हैं।
पुलिस-नक्सली मुठभेड़ों में 17 नक्सली मारे गए, जिनमें 1 करोड़ तक के इनामी नक्सली भी थे। वहीं, 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
साइबर अपराध पर शिकंजा
जनवरी से जून 2025 के बीच साइबर अपराध के 620 मामले दर्ज हुए, जिनमें 767 अपराधी गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने ₹54.35 लाख नगद, 1664 सिम कार्ड, 1283 मोबाइल फोन, और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से दर्ज 11,910 शिकायतों में से ₹15.90 करोड़ की राशि फ्रीज कराई गई और ₹83.84 लाख पीड़ितों को वापस दिलाए गए। प्रतिबिंब ऐप के जरिए भी 474 अपराधी गिरफ्तार हुए।
मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई
मादक पदार्थ की तस्करी पर नकेल कसते हुए झारखंड पुलिस ने 389 मामलों में 393 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 553 किलोग्राम गांजा, 66 किलोग्राम अफीम, 2.49 किलोग्राम ब्राउन शुगर और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब ₹20.44 करोड़ आंकी गई।
संगठित अपराध पर वार
एटीएस ने संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए 4 मामलों में 12 अपराधियों को गिरफ्तार किया। प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब उत-तहरीर के 5 सक्रिय सदस्यों को भी हथियार और आपत्तिजनक सामग्री के साथ पकड़ा गया।
अन्य अहम उपलब्धियां
- मिनी गन फैक्ट्रियों का उद्भेदन: गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में अवैध हथियार निर्माण इकाइयों को ध्वस्त कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- अवैध अफीम की खेती नष्ट: 15,000 एकड़ में फैलाव वाली खेती को नष्ट किया गया और 89 आरोपी गिरफ्तार हुए।
- साल की शुरुआत से 119 सीसीए प्रस्ताव दायर, जिससे कुख्यात अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हुई।
पुलिस कल्याण और खेल उपलब्धियां
इस अवधि में पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए 1.67 करोड़ रुपये वितरित किए गए। 108 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई। वहीं, झारखंड पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में 2 स्वर्ण, 1 रजत और 6 कांस्य पदक हासिल कर राज्य का मान बढ़ाया।
झारखंड पुलिस का संकल्प:
पुलिस विभाग ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि राज्य को अपराध और नक्सलवाद से मुक्त बनाने के लिए सतर्कता और प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रहेगा। सभी जिलों में “जन शिकायत समाधान कार्यक्रम” के जरिए 4158 शिकायतों में से 3464 का निपटारा कर जनता का विश्वास भी अर्जित किया गया है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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