Ranchi News– राजधानी रांची को आज एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से NH-75 पर बना झारखंड का पहला एलिवेटेड फ्लाईओवर आज केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा उद्घाटित किया जाएगा. यह फ्लाईओवर रातू रोड पर बनाया गया है, जो शहर के सबसे अधिक ट्रैफिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है. इसके चालू हो जाने से रांचीवासियों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
फ्लाईओवर से क्या बदलेगा?
- शहर के प्रमुख इलाकों जैसे रातू रोड, कोकर और कांटाटोली में ट्रैफिक की भीड़भाड़ कम होगी.
- आवागमन सुगम होगा और यात्रा समय में भारी कमी आएगी.
- यह परियोजना 2022 में शुरू हुई थी और 2 साल में तैयार की गई है.
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उद्घाटन से पहले राजनीतिक घमासान
उद्घाटन समारोह से पहले रांची का राजनीतिक तापमान चरम पर है. शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और भाजपा नेताओं के होर्डिंग और पोस्टर पूरे शहर में लगाए गए हैं. लेकिन इन प्रचार सामग्रियों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर नदारद है, जिससे नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है.
JMM और भाजपा आमने-सामने
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने इसे “ओछी राजनीति” बताते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री ने सिरमटोली फ्लाईओवर का उद्घाटन किया था, हमने सभी दलों के नेताओं की तस्वीरें लगाई थीं. भाजपा जानबूझकर भेदभाव कर रही है.
इस पर भाजपा प्रवक्ता प्रतुल सहदेव ने पलटवार करते हुए कहा कि हम अपने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं चमका सकते. यह भाजपा का आयोजन है और प्राथमिकताएं भी हमारी होंगी.
नामकरण को लेकर भी गरमाई राजनीति
फ्लाईओवर का नाम क्या होगा, इस पर भी राजनीतिक दलों में मतभेद गहरा गए हैं:
- JMM और कांग्रेस की मांग: फ्लाईओवर का नाम ‘दिशोम गुरु‘ शिबू सोरेन के नाम पर रखा जाए.
- भाजपा की मांग: नाम रखा जाए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर.
- कुछ संगठनों की मांग: नाम हो विनोद बिहारी महतो या ज्ञानरंजन के नाम पर.
JMM महासचिव मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि सामाजिक संगठन और आम जनता भी गुरुजी के नाम पर पुल का नाम चाहती है.
सियासी बयानबाज़ी बनाम जनता की उम्मीदें
जहां एक ओर प्रशासन उद्घाटन की तैयारियों में जुटा है, वहीं पोस्टर विवाद और नामकरण की राजनीति ने उद्घाटन समारोह को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया है. बावजूद इसके, आम जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड फ्लाईओवर उनकी रोज़मर्रा की परेशानी को कितनी राहत दे पाएगा.













