Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्यहित से जुड़े कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन प्रस्तावों में बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय प्रशासनिक सुधार, सेवा से बर्खास्तगी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।
बैठक के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
जिला के अनटाइड फंड के इस्तेमाल की गाइडलाइन में बदलाव
राज्य सरकार ने अनटाइड फंड (Untied Fund) के उपयोग को लेकर मौजूदा गाइडलाइन में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे जिलों को अपने अनुसार प्राथमिकताओं के अनुरूप फंड का उपयोग करने की अधिक लचीलापन मिलेगा।
दो प्रमुख सड़कों के लिए ₹70 करोड़ से अधिक की स्वीकृति
- रांची के सिल्ली रंगा माटी सड़क के निर्माण हेतु ₹32 करोड़ की मंजूरी दी गई।
• रांची के कुमारिया से संग्रामपुर तक सड़क के निर्माण हेतु ₹38 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
इन दोनों सड़क परियोजनाओं से क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. नेहा सिंह सेवा से बर्खास्त
कैबिनेट ने जामताड़ा में पदस्थापित डॉ. नेहा सिंह को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। बर्खास्तगी के कारणों में सेवा शर्तों का उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही की संभावना जताई जा रही है।
एकीकृत पेंशन योजना (Integrated Pension Scheme) को मंजूरी
राज्य सरकार ने एकीकृत पेंशन विकल्प योजना को कैबिनेट की मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के तहत विभिन्न पेंशन योजनाओं को एकीकृत करते हुए सरकारी कर्मचारियों को अधिक पारदर्शिता और स्थायित्व प्रदान किया जाएगा।
इन फैसलों का असर
इन निर्णयों से राज्य के आधारभूत ढांचे में सुधार, वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। खासकर सड़क परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता के हित में लगातार निर्णय ले रही है, और हर जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।












