Palamu News: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पलामू ज़िले के विश्रामपुर स्थित रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व, सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर बल दिया.
“शिक्षा केवल डिग्री नहीं, ज़िम्मेदारी भी है” – राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल महोदय ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझने और निभाने की दिशा में पहला कदम है. उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह मेहनत, समर्पण और संकल्प की परिणति है. यह विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है.
रघुवर दास को मिला डॉक्टरेट की मानद उपाधि सम्मान
इस गौरवशाली अवसर पर राज्यपाल ने ओडिशा के पूर्व राज्यपाल एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को विश्वविद्यालय की ओर से डॉक्टरेट की मानद उपाधि (Honorary Doctorate) प्रदान की. यह सम्मान उनके राजनीतिक योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण को मान्यता देता है.
नीलाम्बर-पीताम्बर की धरती पर शिक्षा का दीप जला
राज्यपाल ने पलामू की ऐतिहासिक धरती को नमन करते हुए कहा कि नीलाम्बर-पीताम्बर जैसे वीरों की भूमि पर शिक्षा का दीप जलता देखना गर्व की बात है. उन्होंने पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना इस क्षेत्र में शिक्षा, सशक्तिकरण और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व नवाचार पर ज़ोर
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से आह्वान किया कि वे शोध, नवाचार और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल किताबी ज्ञान का केंद्र न बने, बल्कि वह ऐसे नागरिक गढ़े जो समाज, ग्रामीण जीवन और राष्ट्र की समस्याओं के समाधान में सहभागी बनें.
गाँवों को गोद लेकर करें विकास में भागीदारी
उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय अपने आसपास के गाँवों को गोद ले और शिक्षा व नवाचार के ज़रिए वहां की सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाए. उन्होंने विद्यार्थियों से केवल “जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर और समाजसेवी नागरिक” बनने का आह्वान किया.
विश्वविद्यालय को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनाने की अपील
राज्यपाल गंगवार ने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाला संस्थान न बने, बल्कि वह संवेदनशील, उत्तरदायी और राष्ट्र निर्माण में सहायक नागरिकों का निर्माण करने वाला एक सशक्त शैक्षणिक केंद्र बने.
“झारखंड बनेगा एजुकेशन हब”
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि झारखंड आने वाले समय में एक एजुकेशन हब के रूप में प्रतिष्ठित हो. यदि सभी संस्थान इस दिशा में प्रयास करें, तो राज्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है.
नए भवनों का उद्घाटन भी किया
समारोह से पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्मित लक्ष्मी चंद्रवंशी बॉयज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल एवं प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी किया. ये बुनियादी ढांचे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और सुसज्जित शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेंगे.












