LokSabha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन महादेव की सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैसरन घाटी (पहलगाम) में 26 भारतीय पर्यटकों की हत्या में शामिल तीनों आतंकियों को 28 जुलाई को मार गिराया गया। ये आतंकी पाकिस्तान के निवासी थे और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। ऑपरेशन महादेव को सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया।
आतंकियों की पहचान: लश्कर कमांडर समेत तीन A कैटेगरी आतंकी ढेर
अमित शाह ने बताया कि मारे गए आतंकियों के नाम सुलेमान (लश्कर कमांडर), फैजल अफगान उर्फ हमजा, और जिब्रान हैं। तीनों आतंकवादी पहलगाम के बैसरन घाटी हमले में शामिल थे। गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भास्कर की रिपोर्ट में पहले ही इनकी पहचान उजागर की जा चुकी थी।
ऑपरेशन महादेव की प्रमुख बातें:
23 अप्रैल: सुरक्षा एजेंसियों की उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि आतंकियों को पाकिस्तान भागने नहीं दिया जाएगा।
22 मई: IB को आतंकियों के दाचीगाम जंगलों में छिपे होने की सूचना मिली।
22 जुलाई: सिग्नल और सेंसर्स से उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई।
28 जुलाई: तीनों आतंकियों को सेना और पुलिस ने घेरकर मार गिराया।
सबूतों की पुष्टि: FSL जांच और पाकिस्तानी लिंक
- FSL जांच में पुष्टि हुई कि आतंकी जिन राइफलों का इस्तेमाल कर रहे थे, वही हथियार पहलगाम हमले में प्रयोग हुए थे।
- आतंकियों के पास से अमेरिकन राइफल, दो AK-47, पाकिस्तान निर्मित चॉकलेट, और वोटर आईडी नंबर मिले।
- गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान से संबंधों के पर्याप्त सबूत हैं, जो वे संसद के पटल पर रखेंगे।
कांग्रेस पर सीधा हमला: “जब भी आतंकी भागे, कांग्रेस की सरकार थी”
अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा,
“UPA सरकार में सैयद सलाहुद्दीन, दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन, रियाज भटकल जैसे आतंकी पाकिस्तान भागे। भाजपा सरकार ने भागने नहीं दिया, बल्कि उन्हें मारा।”
ऑपरेशन महादेव भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अहम सफलता है। यह मिशन न केवल बैसरन घाटी हमले के दोषियों को सज़ा देने में कामयाब रहा, बल्कि यह भी दिखाता है कि अब आतंकियों को भागने नहीं दिया जाएगा – उन्हें उनके ठिकानों पर ही खत्म किया जाएगा।












