बुधवार, जुलाई 22, 2026
Khabar Mantra
  • E- Paper
No Result
View All Result
  • Home
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
  • देश
  • क्राइम
  • धर्म-अध्याय
  • बिहार
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
  • खबर हटके
Khabar Mantra

Jharkhand में मिल रहे World War 2 के बमों का क्या है राज? जानिए 80 साल पुराना खौफनाक इतिहास

Jharkhand के पूर्वी सिंहभूम में लगातार मिल रहे World War 2 के बमों का क्या है रहस्य? जानिए चाकुलिया एयरबेस का इतिहास, खतरा और इसके पीछे की बड़ी वजह।

अप्रैल 22, 2026
in Breaking News, झारखंड Jharkhand News
A A
What's the secret behind the WWII bombs found in Jharkhand? Learn about their 80-year-old, terrifying history.

What's the secret behind the WWII bombs found in Jharkhand? Learn about their 80-year-old, terrifying history.

Share on FacebookShare on Twitter

Ranchi: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में सुबर्णरेखा नदी के किनारे जो खुलासे हो रहे हैं, उन्होंने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। मार्च से अप्रैल 2026 के बीच बहरागोड़ा क्षेत्र में लगातार चार बम मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक बड़े और छिपे हुए इतिहास की ओर इशारा करता है।

Table of Contents

Toggle
  • कितना खतरनाक है यह खतरा?
  • क्या है World War 2 कनेक्शन?
  • आखिर कैसे दबे रह गए ये बम?
  • अब ही क्यों सामने आ रहे हैं ये बम?
  • क्या अभी और खतरा बाकी है?
  •  दुनिया में भी मिलता है ऐसा खतरा
  • अगर आपको ऐसा बम दिखे तो क्या करें?
  • जमीन के नीचे छिपा है खौफनाक इतिहास

पहला बम 17 मार्च 2026 को बालू खनन के दौरान मिला। इसके बाद कुछ ही दिनों में दो और बम बरामद हुए और 16 अप्रैल को चौथा बम मिला। सभी बम एक ही इलाके में 50 से 100 मीटर की दूरी पर पाए गए, जिससे यह शक और गहरा हो गया है कि जमीन के नीचे अभी और भी खतरनाक विस्फोटक दबे हो सकते हैं।

कितना खतरनाक है यह खतरा?

विशेषज्ञों के मुताबिक ये सभी बम अमेरिकी AN-M64 500 पाउंड कैटेगरी के हैं, जिनका वजन करीब 227 किलो होता है। अगर इनमें विस्फोट हो जाए तो 1 से 1.5 किलोमीटर तक भारी तबाही मच सकती है।

Read More: 28 अप्रैल को झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक, कई अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

सबसे बड़ी चिंता यह है कि इतने सालों तक जमीन में दबे रहने के कारण ये बम और ज्यादा अस्थिर हो चुके हैं। यही वजह है कि स्थानीय बम निरोधक दस्ते ने सेना की मदद ली और ऑपरेशन चलाकर इन्हें निष्क्रिय किया गया।

क्या है World War 2 कनेक्शन?

इस पूरे रहस्य की जड़ें सीधे
द्वितीय विश्व युद्ध
के दौर से जुड़ी हैं।

पूर्वी सिंहभूम का
चाकुलिया एयरबेस
उस समय एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना था। 1942 में बने इस एयरबेस पर अमेरिकी एयरफोर्स की तैनाती थी और यहीं से B-29 और B-25 जैसे बॉम्बर विमान उड़ान भरते थे।

यानी जहां आज बम मिल रहे हैं, वही इलाका कभी युद्ध की रणनीति का केंद्र हुआ करता था।

आखिर कैसे दबे रह गए ये बम?

विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। युद्ध के दौरान तकनीकी खराबी आने पर पायलट सुरक्षित लैंडिंग के लिए बम गिरा देते थे। ट्रेनिंग के दौरान भी कई बम फटते नहीं थे और जमीन में दब जाते थे।

एक और संभावना यह है कि युद्ध खत्म होने के बाद बचे हुए हथियारों को यहीं दफना दिया गया हो।

अब ही क्यों सामने आ रहे हैं ये बम?

80 साल बाद अचानक इन बमों का मिलना कई कारणों से जुड़ा है। गर्मियों में नदी का जल स्तर कम होने से दबे हुए बम सतह के करीब आ जाते हैं। बढ़ते बालू खनन से गहराई तक खुदाई हो रही है, जिससे ये बाहर निकल रहे हैं।

इसके अलावा नदी का कटाव भी जमीन के नीचे दबे इन विस्फोटकों को उजागर कर रहा है।

क्या अभी और खतरा बाकी है?

लगातार एक ही इलाके में कई बम मिलने से यह आशंका बढ़ गई है कि जमीन के नीचे और भी विस्फोटक मौजूद हो सकते हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से पूरे इलाके का सर्वे कराने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

 दुनिया में भी मिलता है ऐसा खतरा

यह समस्या सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है। जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम जैसे देशों में आज भी
World War 2
के बम मिलते रहते हैं और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए विशेष सिस्टम मौजूद है।

अगर आपको ऐसा बम दिखे तो क्या करें?

किसी भी संदिग्ध धातु वस्तु को छूना या हटाना बेहद खतरनाक हो सकता है। तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित कदम है।

जमीन के नीचे छिपा है खौफनाक इतिहास

झारखंड में मिल रहे ये बम सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी हैं कि इतिहास कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता।
World War 2 के निशान आज भी जमीन के नीचे जिंदा हैं—और अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।

 

 

 

V Kumar
V Kumar

Related Posts

Koderma Youth caught red-handed
झारखंड Jharkhand News

Koderma में बाइक चोरी करते रंगे हाथ पकड़ा गया युवक, भीड़ ने की जमकर पिटाई

जुलाई 22, 2026
Ranchi Crime News
Breaking News

Ranchi Crime: रांची के खोरहाटोली में जमीन कारोबारी की निर्मम हत्या, सिर पर वार कर उतारा मौत के घाट

जुलाई 22, 2026
JPSC घेराव से पहले रांची में हाई अलर्ट, JPSC कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
Breaking News

JPSC घेराव से पहले रांची में हाई अलर्ट: JPSC कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात, 14वीं PT परीक्षा परिणाम पर बढ़ा विवाद

जुलाई 22, 2026
Next Post
गिरने पर भी नहीं टूटेगा फोन! मोटोरोला का सबसे पावरफुल स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Pro लॉन्च

गिरने पर भी नहीं टूटेगा फोन! मोटोरोला का सबसे पावरफुल स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Pro लॉन्च

Two new zoos to be built in Jharkhand, Dumka and Giridih to house 200 wild animals, including tigers and leopards.

Jharkhand में बनेंगे 2 नए चिड़ियाघर, दुमका और गिरिडीह में 200 वन्यजीव, बाघ-चीता लाने की योजना

Tara Sutaria and Veer Pahadia have separated! What happened after the AP Dhillon concert?

Tara Sutaria–Veer Pahariya का Breakup! क्या एपी ढिल्लों का कॉन्सर्ट बना वजह?

Yash's latest look for 'Toxic'

Yash's latest look for 'Toxic'

महिन्द्रा की धांसू SUV XUV 7XO लॉन्च

Ashnoor Kaur wreaked havoc in her hot look

Hot Look में आश्नूर कौर ने ढाया कहर

Koderma Youth caught red-handed

Koderma में बाइक चोरी करते रंगे हाथ पकड़ा गया युवक, भीड़ ने की जमकर पिटाई

जुलाई 22, 2026

Ranchi Crime: रांची के खोरहाटोली में जमीन कारोबारी की निर्मम हत्या, सिर पर वार कर उतारा मौत के घाट

JPSC घेराव से पहले रांची में हाई अलर्ट: JPSC कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात, 14वीं PT परीक्षा परिणाम पर बढ़ा विवाद

Koderma में बड़ा सड़क हादसा: ट्रक और कंटेनर की भीषण टक्कर

Share Market Today: शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों में बढ़ी चिंता

झारखंड में खुलेगा फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, आज होगा ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर

Khabar Mantra

© 2025 Khabar Mantra

Navigate Site

  • Home
  • Privacy Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Terms of Service (नियम और शर्तें)
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • About Us
  • About Editor
  • Contact Us

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • Home
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
  • देश
  • क्राइम
  • धर्म-अध्याय
  • बिहार
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
  • खबर हटके

© 2025 Khabar Mantra