रांची/अरगोड़ा: राजधानी रांची के अरगोड़ा स्थित लिटिल हार्ट अस्पताल में 25 दिन के नवजात की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मौत छिपाकर पैसे वसूलने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मृत नवजात के पिता मुकेश सिंह, जो हरमू विद्यानगर के रहने वाले और टेंपो चालक हैं, ने कहा कि “बच्चा मरा हुआ था, लेकिन दो दिन तक उसे जिंदा बताकर लाखों की वसूली होती रही। जब सच्चाई सामने आई तो शव सड़ चुका था, और पोस्टमार्टम में कीड़े तक निकल गए।”
परिजनों के मुताबिक, 4 जुलाई को सदर अस्पताल में जन्मे बच्चे को सांस में तकलीफ के कारण डॉक्टरों की सलाह पर 8 जुलाई को लिटिल हार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती के बाद से ही अस्पताल प्रबंधन बच्चे को परिजनों से मिलने नहीं दे रहा था। शुक्रवार से बच्चे को पूरी तरह छिपाकर रखा गया। डॉक्टरों द्वारा बार-बार ब्लड की मांग की जाती रही, लेकिन स्थिति की जानकारी देने से बचते रहे।
आयुष्मान कार्ड के बावजूद 1 लाख की वसूली
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड के बावजूद इलाज के नाम पर उनसे ₹1 लाख की वसूली की गई। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि परिजनों को पहले ही नवजात की गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी दी गई थी। उनके अनुसार, मौत के बाद परिजन उल्टे पैसे की मांग कर रहे थे।
फिलहाल मामला अरगोड़ा थाना में दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच में जुट गई है। यह मामला न केवल चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही मनमानी का भी खुलासा करता है।













