Jharkhand News: झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस वार्ता में सूर्या हांसदा एनकाउंटर को लेकर झामुमो और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस घटना को “पूर्व नियोजित हत्या” करार देते हुए इसकी CBI जांच की मांग की है।
क्या है मामला?
11 जून 2025 को गोड्डा में झामुमो की एक जनसभा में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी विधायक प्रतिनिधि और झामुमो के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित रूप से कहा गया: “जो सरकार की बात नहीं मानेगा, वह पुलिस की गोली से मारा जाएगा।”
- 11 जून 2025: गोड्डा सभा में धमकी
- 12 जून 2025: सूर्या हांसदा के खिलाफ मुकदमा दर्ज
- दो महीने बाद: कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत
मरांडी के अनुसार, यह घटना बताती है कि सरकार और माफिया गठजोड़ ने पुलिस के माध्यम से सुनियोजित हत्या को अंजाम दिया।
“सूर्या हांसदा अपराधी नहीं, सामाजिक कार्यकर्ता थे”
बाबूलाल मरांडी ने कहा “स्व. सूर्या हांसदा कोई अपराधी नहीं थे। वे संवेदनशील सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता थे। संथाल परगना क्षेत्र में अवैध खनन, बांग्लादेशी घुसपैठ, धर्मांतरण और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। यही वजह थी कि वे सत्ताधारी दल और माफिया के निशाने पर थे।”
उन्होंने बताया कि जिन 24 मामलों की बात पुलिस कर रही है:
- 14 मामलों में बाइज्जत बरी
- 5 मामलों में जमानत पर थे
- 5 विचाराधीन थे
27 मई को जिस घटना को लेकर FIR दर्ज की गई, उस दिन सूर्या अपने बेटे का जन्मदिन मना रहे थे।
गोली पेट में, पीठ पर नहीं — फर्जी एनकाउंटर का आरोप
मरांडी ने कहा कि “अगर कोई भाग रहा था, तो गोली पीठ पर लगनी चाहिए थी, लेकिन सूर्या हांसदा को गोली पेट में लगी। इसका मतलब एनकाउंटर का दावा फर्जी है। गिरफ्तारी प्रक्रिया में भी न्याय संहिता और पुलिस मैन्युअल का उल्लंघन किया गया।”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल
भाजपा उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशानों को स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाया गया है। उन्होंने फिर से पोस्टमार्टम कराने और पूरी घटना की CBI जांच कराने की मांग की।












