Jharkhand: धनबाद का बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड (Neeraj Singh Murder Case) आठ साल बाद आखिरकार अदालत में अपने निष्कर्ष पर पहुँचा। 27 अगस्त 2025 को अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। आइए जानते हैं इस चर्चित केस की पूरी टाइमलाइन – कब क्या हुआ और किस तरह यह मामला राजनीति, अपराध और न्यायिक प्रक्रिया के बीच घूमता रहा।
21 मार्च 2017: गोलियों की गड़गड़ाहट और चार हत्याएँ
धनबाद के सरायढेला इलाके में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इस हमले में विधायक प्रतिनिधि नीरज सिंह, अशोक यादव, घोल्टू महतो और मुन्ना तिवारी की मौत हो गई। घटना के बाद पूरा शहर दहशत में आ गया।
22–23 मार्च 2017: SIT और FIR
हत्या के दूसरे ही दिन SIT, CID और फोरेंसिक टीम धनबाद पहुँची।
23 मार्च को नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने विधायक संजीव सिंह, मनीष सिंह, पिंटू सिंह, गया सिंह और महंत पांडे पर FIR दर्ज कराई।
30 मार्च – 11 अप्रैल 2017: गिरफ्तारियाँ
- 30 मार्च को संजय सिंह, धनंजय सिंह और पिंटू सिंह गिरफ्तार होकर जेल भेजे गए।
- 11 अप्रैल को मुख्य आरोपी संजीव सिंह और डब्ल्यू मिश्रा गिरफ्तार हुए। पुलिस ने सिंह मेंशन पर छापेमारी भी की।
मई – जून 2017: शूटर अमन सिंह की गिरफ्तारी
3 मई को UP STF ने कुख्यात शूटर अमन सिंह को मिर्जापुर से पकड़ा और धनबाद लाकर जेल भेज दिया।
इसके बाद शूटर सोनू और विजय उर्फ़ सागर भी गिरफ्तार हुए।
28 जून 2017 को पुलिस ने संजीव सिंह, अमन सिंह, डब्ल्यू मिश्रा समेत अन्य आरोपियों पर चार्जशीट दायर की।
2017 – 2019: अदालत में गवाही और चार्जशीट पर संज्ञान
- अदालत में पहचान परेड और गवाहों के बयान दर्ज हुए।
- हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जमानत याचिकाएँ खारिज हुईं।
- 16 सितंबर 2017 को पंकज सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया।
2020 – 2021: आरोपियों का जेल बदलना
- अमन सिंह और अन्य आरोपियों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया गया।
- संजीव सिंह दुमका जेल भेजे गए।
- जून 2021 में हाईकोर्ट ने संजीव और पिंटू की जमानत खारिज की।
2022: मुकदमे में अहम मोड़
- 25 जनवरी को अभियोजन साक्ष्य बंद हुआ।
- 5 अप्रैल को आरोपियों के सफाई बयान दर्ज किए गए।
3 दिसंबर 2023: अमन सिंह की जेल में हत्या
धनबाद जेल में सनसनी फैल गई जब शूटर अमन सिंह की साथी कैदी सुंदर महतो ने गोली मारकर हत्या कर दी।
2024 – 2025: ज़मानत और राहतें
- 5 अगस्त 2024 – पिंटू सिंह, संजय सिंह और डब्ल्यू मिश्रा को जमानत।
- 4 मार्च 2025 – धनंजय सिंह और पंकज सिंह को जमानत।
- 8 अगस्त 2025 – विधायक संजीव सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत।
13 अगस्त 2025 को बहस पूरी हुई और मामला जजमेंट के लिए सुरक्षित रखा गया।
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20 अगस्त 2025: फर्जी दस्तावेज़ की शिकायत
अभियोजन और अनुसंधान टीम के खिलाफ फर्जी दस्तावेज दाखिल करने की शिकायत सामने आई।
27 अगस्त 2025: अदालत का बड़ा फैसला
लंबी सुनवाई, गवाहों और साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया।
इस तरह धनबाद का यह चर्चित नीरज सिंह हत्याकांड (2017 – 2025) आठ साल बाद अदालत की चौखट पर निष्कर्ष पर पहुँचा।












