Jamtara: झारखंड के जामताड़ा जिले के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और जेबीसी प्लस टू स्कूल के प्रधानाध्यापक सुशील मरांडी के निधन से शिक्षा जगत को गहरी क्षति पहुँची है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 19 मई को उनका निधन हो गया था। लेकिन इस कठिन घड़ी में झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सौंपा चेक
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और जामताड़ा उपायुक्त की उपस्थिति में सुशील मरांडी जी के परिजनों को एक करोड़ रुपये का चेक सौंपा। इस मौके पर परिवार की आँखों में आंसू और चेहरे पर राहत की झलक दोनों देखने को मिली।
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा – “वादे को पूरा किया गया”
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा –
“हमने सुशील मरांडी जी को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन ईश्वर की इच्छा के आगे असहाय रहे। उस समय मैंने परिवार से वादा किया था कि मुख्यमंत्री जी सहायता देंगे, और आज वही वादा पूरा हुआ। इतनी बड़ी राहत राशि मिलना परिवार के लिए संबल बनेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि यह कदम साबित करता है कि झारखंड सरकार संवेदनशील और जनता के साथ हर परिस्थिति में खड़ी रहने वाली सरकार है।
परिजनों ने जताया आभार
चेक वितरण समारोह में सुशील मरांडी जी की पत्नी पार्वती हंसदा, पुत्र अमित कुमार मरांडी, सुमित मरांडी और रिशु मरांडी, सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। परिवार ने मुख्यमंत्री और मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि –
“आज सरकार और मंत्री जी की पहल से हमें इतनी बड़ी सहायता राशि मिली। इस कदम ने हमारे दुख को थोड़ा कम कर दिया और यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वास्तव में जनता के संरक्षक हैं।”
शिक्षा जगत के लिए मिसाल
सुशील मरांडी के निधन ने जामताड़ा और झारखंड के शिक्षा जगत को गहरी चोट दी है। लेकिन सरकार का यह ऐतिहासिक कदम न केवल परिवार के लिए सहारा है बल्कि संवेदनशील शासन की मिसाल भी है।
यह निर्णय आने वाले समय में याद किया जाएगा कि कैसे सरकार ने कठिन घड़ी में एक शिक्षक के परिवार को संभाला।












