Religion News: नवरात्रि, जिसमें 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा की जाती है. वहीं शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरु हो चुका है. आम तौर पर, नवरात्रि 9 दिनों का होता है. लेकिन, 2025 में एक खास खगोलीय संयोग के कारण 10 दिनों तक मनाई जाएगी.
इस साल नवरात्रि में तृतीया तिथि, जो मां चंद्रघंटा को समर्पित है दो तीन पड़ रही है- 24 सितंबर और 25 सितंबर दोनों दिन, इसलिए मां चंद्रघंटा की पूजा दो दिन तक की जाएगी.
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इससे पहले ऐसा संयोग कब बना था?
ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस साल 2025 में तृतीया तिथि दो दिनों तक रहेगी. इससे पहले ऐसा संयोग 1998 में बना था, जब चतुर्थी दो दिन पड़ी थी. वहीं, 2021 में नवरात्रि केवल 8 दिनों की रही थी क्योंकि उस वर्ष षष्ठी तिथि क्षय हो गई थी.
मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व
मां चंद्रघंटा, देवी पार्वती का तीसरा रूप हैं. जब देवी पार्वती ने भगवान शिव से विवाह किया था, तभी उनके मस्तक पर अर्धचंद्र की घंटा जैसी आकृति बनी, इसलिए इन्हें “चंद्रघंटा” कहा जाता है. मां के चंद्रघंटा के हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार, कमंडल, कमल, धनुष, तीर, माला आदि अस्त्र-शस्त्र होते हैं मान्यता है कि मां चंद्रघंटा शुक्र ग्रह को नियंत्रित करती हैं और जो भी भक्त उनकी उपासना करता है, उसे दुखों से मुक्ति मिलती है.
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इस बार की नवरात्रि केवल पर्व नहीं, बल्कि एक दुर्लभ ज्योतिषीय घटना का हिस्सा भी है. दो दिन मां चंद्रघंटा की पूजा करने से श्रद्धालुओं को दोगुणा फल मिलने की मान्यता है. ऐसे में यह समय साधना और शक्ति उपासना के लिए अत्यंत शुभ रहेगा.













