धनबाद: शहर के व्यस्त विनोद बिहारी चौक पर सोमवार को चल रहे ट्रैफिक पुलिस के वाहन चेकिंग अभियान के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वासेपुर के समाजसेवी मुर्तजा आलम ने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए मौके पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते चौक पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और ट्रैफिक व्यवस्था कुछ समय के लिए बाधित रही।
मुर्तजा आलम ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस गरीबों और जरूरतमंदों के वाहन का चालान काट रही है, जबकि अमीर और रसूखदारों के वाहन चालकों को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा,
“पुलिस अपना काम करे, हमें उससे कोई परेशानी नहीं, लेकिन एक आंख में काजल और दूसरी में सुरमा जैसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमीरों को छोड़कर गरीबों पर कार्रवाई करना अवैध वसूली जैसा है।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि असर्फी हॉस्पिटल के बाहर आठ लेन सड़क पर खड़ी गाड़ियों पर ट्रैफिक पुलिस कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती, जबकि आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
मुर्तजा आलम ने चेतावनी दी कि,
“अगर आवाज उठाने पर मुझे जेल भी जाना पड़े, तो मैं जाऊंगा।”
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि अचानक हुई चेकिंग के दौरान कई चालान काटे गए, जिससे नाराज होकर कुछ लोग मुर्तजा आलम के साथ जुड़ गए। इससे मौके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, कोई हिंसक घटना नहीं हुई और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
ट्रैफिक विभाग की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।












