Jharkhand News: सुप्रीम कोर्ट ने आज सारंडा वन क्षेत्र को अभ्यारण्य घोषित करने वाले मामले में अपना सुनवाई दी. बता दें, कोर्ट ने झारखंड सरकार को सारंडा क्षेत्र को एक हिस्से यानी 31,468.25 हेक्टेयर क्षेत्र को वन्यजीव अभ्यारण्य घोषित करने की अनुमति दे दी है. अब राज्य सरकार इस क्षेत्र को आधिकारिक रुप से अभ्यारण्य घोषित कर सकेगी.
कोर्ट का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के तहत स्पष्ट किया है कि इस क्षेत्र में मौजूद SAIL की परिसंपत्तियों और वैध खनन पट्टों (माइनिंग लीज) को अभयारण्य क्षेत्र के प्रभाव से बाहर रखा जाएगा. इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों और खनन कार्यों को राहत मिलेगी.
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कोर्ट ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस निर्णय के अनुपालन में एक सप्ताह के भीतर शपथ पत्र (affidavit) दायर करे. यह आदेश मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने पारित किया.
बता दें, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 18 सितंबर को सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मामले को गंभीरता से लिया था. कोर्ट ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब भी किया था.
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