Jharkhand: विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर होटल प्रबंधन संस्थान (IHM) रांची में “मिलेट फेस्ट 2025” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मिलीफ नैचुरल लिमिटेड और स्टार्टअप झारखंड के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य मिलेट आधारित खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना और पारंपरिक अनाजों के महत्व को जनता तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शिल्पी नेहा तिर्की, झारखंड सरकार में कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री, ने IHM रांची की प्रशंसा की और कहा कि किसानों के बिना राज्य और दुनिया की समृद्धि संभव नहीं है। उन्होंने मिलेट्स के पोषण और उपयोगिता पर जोर दिया और कहा कि किसानों के योगदान को समझना जरूरी है। मंत्री ने सुझाव दिया कि राज्य में मिलेट्स के लिए व्यवस्थित बाजार बनाया जाए और IHM रांची द्वारा मिलेट कैफे खोलने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
मंत्री ने कहा, “मिलेट्स केवल पोषण का स्रोत नहीं हैं, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने युवाओं को पारंपरिक अनाजों में नवाचार और उद्यमिता में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
नाबार्ड के उप महाप्रबंधक गौरव कुमार ने मिलेट उत्पादन और प्रसंस्करण में वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्धता पर विचार साझा किए।
IHM रांची के प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य किसानों की समृद्धि को दर्शाना और मिलेट्स के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि राज्य की पारंपरिक अनाज मड़ुआ का उत्पादन चार गुना बढ़ा है और मिलेट्स का उपयोग कृषि क्षेत्र और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में मिलेट आधारित लाइव कुकिंग शो भी आयोजित किया गया, जिसमें व्यंजन जैसे फॉक्सटेल मूसली, ताबुले, वेज रागी टाकोस विद टरमरिक चीज़ सॉस, कोदो मिलेट फलाफल इन मड़ुआ पीठा, मिलेट गोदिल खीर आदि पेश किए गए।
इसके बाद “सस्टेनेबिलिटी के लिए मिलेट्स” विषय पर पैनल चर्चा हुई, जिसमें पोषण विशेषज्ञ, कृषि वैज्ञानिक और फूड एवं ट्रैवल क्षेत्र के युवा इन्फ्लुएंसर शामिल हुए। सत्र का संचालन दीप्ति कुमारी (IIAR) ने किया। पैनल में मिलेट्स को आधुनिक पाककला और सोशल मीडिया के माध्यम से लोकप्रिय बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
अंत में प्रगतिशील किसानों की सफलता की कहानियाँ साझा की गईं और मिलेट्स के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन संस्थान के संस्थापक के वैलेडिक्टरी संबोधन और आभार ज्ञापन के साथ हुआ।












