Ranchi : बिहार से अलग होकर बने झारखंड राज्य ने गुरुवार को अपने स्थापना के 25 वर्ष गांठ मन रहा है। इस उपलक्ष्य में राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 25 वर्ष रजत पर्व का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मंत्री संजय यादव, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दिल्ली विधायक अमित महतो समेत बड़ी संख्या में अधिकारी और आमजन मौजूद रहे।
सीएम हेमंत सोरेन ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि 150वीं बिरसा मुंडा जयंती के साथ झारखंड के 25 साल पूरे होना ऐतिहासिक है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज इस मंच पर राज्य के निर्माता और आदिवासी मूलवासी आंदोलन के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अनुपस्थिति दिल को व्यथित करती है।
उन्होंने कहा राज्य की स्थापना सिर्फ 2000 की उपलब्धि नहीं, बल्कि सैकड़ों वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। इस मिट्टी के आदिवासी मूलवासी ने बलिदान दिया ताकि वे सम्मान से जी सकें। अब हमारा लक्ष्य है कि आने वाले 25 वर्षों में झारखंड को उस मुकाम पर ले जाए, जहा यह देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों में खड़ा हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदाएँ, जनशक्ति और सांस्कृतिक विरासत पूरे देश के विकास का आधार रही हैं। जब तक गाव विकसित नहीं होंगे, तब तक राज्य विकसित नहीं हो सकता। जल्द ही सभी बाधाओं को पार कर झारखंड नई रफ़्तार से आगे बढ़ेगा,
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कार्यक्रम में कहा कि झारखंड लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य की उपलब्धियों को रेखांकित किया और कहा कि रजत जयंती इस यात्रा का महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नए संकल्पों की घोषणा की
वित्त एवं योजना मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड अब 25 वर्ष का हो चुका है और स्थापना दिवस का आयोजन बेहद भव्य रहा।
उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य स्पष्ट हैएक समृद्ध और विकसित झारखंड का निर्माण। शासन-प्रशासन हर दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। राज्य सरकार ने 1087 नई योजनाओं की सौगात देकर विकास की गति को नई दिशा दी है।












