Jharkhand News: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया। जहां धनबाद में हो रहे अवैध कोयला कारोबार उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। साथ ही कई अधिकारियों को संरक्षण देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि झारखंड में जिस प्रकार काम चल रहे है, कैसे लोग काम कर रहे है और पिछले दिनों कोयला कारोबारियों के घर पर छापेमारी में क्या हुआ। लेकिन धनबाद के मामले की जानने की कोशिश की, तो जानकारी मिली है कि अवैध व्यापार शुरू से रहा है यह तो सब को पता है। लेकिन इन दिनों जो मामला सामने आया है वो चौंकाने वाला है।
हमलोग सुनते थे कि कोयला का जो अवैध कारोबारी होते है वो पैसे कहे या कमीशन संबंधित विभाग को पहुंचते थे। लेकिन अब जो जानकारी मिल रही है वो पूरी तरफ उल्टा है।
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पुलिस प्रशासन और कोल माफिया एक साथ साझेदारी कर कोयला कारोबार में शीर्ष प्रशासन संलिप्त है। ये कहा जा सकता है कि यह धंधा अधिकारी संचालित कर रहे है। पहले माफियाओं के नाम सामने आते थे। लेकिन अब तो जानकारी यह मिल रही है कि अधिकारी ही कोयला के कारोबार को संचालित कर रहे है।
धनबाद में 30 से अधिक साइट है जहां से अवैध कोयला निकाला जाता है। और इन साइट को पाने के लिए हाउस से परमिशन लिया जाता है। उसके बाद ssp को फोन जाता है। और उसके बाद एडवांस के रूप में 1 करोड़ देना पड़ता है। तब जाकर कोयला निकाला जाता है। और उसके बाद उस क्षेत्र से एक साइट से 300 से 200 ट्रक कोयला निकलता है।
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लेकिन ये नियंत्रण हाउस से किया जाता है। इस धंधा में थाना प्रभारी, ssp, sp, ग्रामीण sp, सिटी एसपी, डीसी, समेत हर एक अधिकारी के पास यह पैसा पहुंचाया जाता है। कई अधिकारियों के नाम लेते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यही लोग सारे काम करवा रहे है। ऐसे देखा जाए तो इस मामले की जांच होनी चाहिए क्यों जिस प्रकार से रखवाला ही लूटने में लग जाए तो बचना राज्य को मुश्किल होगा।












