Ranchi : रांची स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL) में शनिवार को तंबाकू और निकोटिन के उभरते खतरों पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परामर्श आयोजित हुआ। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु था—कैसे युवा पीढ़ी को नए तरह के निकोटिन उत्पादों और तंबाकू की लत से सुरक्षित रखा जाए। इस मौके पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और राज्य की चिंताजनक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
मंत्री ने कहा कि झारखंड में तंबाकू आधारित उत्पादों से होने वाले ओरल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर दिख रहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि राज्य सरकार बहुत जल्द तंबाकू माफिया पर व्यापक कार्रवाई शुरू करने जा रही है।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “आप देश का भविष्य हैं। नशे से दूरी बनाना ही सबसे बड़ी जीत है। ‘सादा पान मसाला’ जैसा शब्द भ्रामक है—यह युवाओं को भ्रमित कर रहा है और कई कंपनियां छिपकर खतरनाक मिश्रण बेच रही हैं।”
युवाओं को नशे से बचाना राष्ट्रीय कर्तव्य — NUSRL में इरफान अंसारी का बिगुल”
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू और निकोटिन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, ई-सिगरेट निषेध कानून को प्रभावी बनाना और दुनिया भर में अपनाए जा रहे नियमों को समझना था।
इस दौरान कई विशेषज्ञों ने अपनी सोच और शोध साझा किए। डॉ. एल. स्वस्तिचरण ने उभरते निकोटिन उत्पादों के नियमन की जटिलताओं पर बात की। CTFK की उपाध्यक्ष वंदना शाह ने निकोटिन पाउच पर वैश्विक नीतियों की जानकारी दी। WHO के प्रवीण सिन्हा ने स्वास्थ्य जोखिमों पर प्रकाश डाला, जबकि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रंजीत सिंह ने ई-सिगरेट निषेध अधिनियम को लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।
अंत में NUSRL के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आनंदकुमार आर. शिंदे ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य और संस्थान दोनों युवाओं को तंबाकू-मुक्त भविष्य देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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