Jharkhand: Jharkhand में उत्तरी पर्वतीय इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 5 और 6 दिसंबर को शीतलहर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के छह जिलों में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। ऐसे में लोग ठंड से बचने के लिए मोटी रजाई-कंबल का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई लोग पूरी तरह सिर ढककर सोने की आदत भी अपना लेते हैं।
लेकिन क्या यह आदत वाकई सुरक्षित है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में सिर या चेहरा ढककर सोना जितना आरामदायक लगता है, उतना ही यह सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इससे ऑक्सीजन की मात्रा घटती है, कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है और सांस लेने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए, जिनको पहले से श्वसन संबंधी समस्याएं हैं।
चेहरा ढककर सोने से क्या होता है नुकसान?
1. ताजी हवा की कमी, CO₂ की अधिकता
रजाई के अंदर चेहरा करने से एक छोटा बंद क्षेत्र बन जाता है, जिसमें आपकी ही छोड़ी हुई कार्बन डाइऑक्साइड जमा होने लगती है। इससे ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है।
इसके कारण हो सकते हैं:
- सिरदर्द
- चक्कर आना
- बेचैनी
- सुबह उठकर थकान महसूस होना
2. नींद की गुणवत्ता पर असर
चेहरा ढकने पर गर्मी और नमी दोनों फंस जाती हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इससे गहरी, आरामदायक नींद नहीं मिल पाती। कई लोगों में रात में कई बार जागने या पसीना आने की समस्या भी देखी जाती है।
किन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक?
• दमा या COPD के मरीज
सांस पहले से कमजोर होने के कारण थोड़ी भी ऑक्सीजन की कमी परेशानी बढ़ा सकती है।
• बच्चे और शिशु
उनकी श्वसन प्रणाली अभी विकसित हो रही होती है। चेहरा ढककर सोना SIDS (Sudden Infant Death Syndrome) का जोखिम बढ़ा सकता है।
• स्लीप एपनिया वाले लोग
हवा का प्रवाह रुकने से उनकी स्थिति और खराब हो सकती है।
सर्दियों में जोखिम क्यों और बढ़ जाता है?
- ठंडी, शुष्क हवा फेफड़ों को irritate करती है
- कमरा बंद रखने से ventilation कम हो जाता है
- प्रदूषण व धुआं पहले से ही सांस की दिक्कत बढ़ाते हैं
- वायरस संक्रमणों का खतरा ज्यादा रहता है
इस तरह रखें खुद को गर्म, लेकिन सुरक्षित
झारखंड में ठंड बढ़ रही है, लेकिन सेहत को खतरे में डाले बिना गर्म रहना भी संभव है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं:
थर्मल कपड़े या गर्म ऊनी पहनें
रजाई-कंबल को सिर्फ कंधे तक रखें, चेहरा खुला छोड़ें
कमरे में हल्का वेंटिलेशन रखें
ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें ताकि सूखी हवा से राहत मिले
बहुत भारी या घने कंबल सिर पर न खींचें
सांस संबंधी मरीज कमरे का तापमान बहुत गर्म न रखें
सर्दियों में गर्माहट जरूरी है, लेकिन आराम की कीमत पर सेहत से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। सिर ढककर सोना सांस लेने में दिक्कत, खराब नींद और लंबे समय में फेफड़ों पर असर डाल सकता है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और श्वसन रोगियों को इससे बचना चाहिए।
इस ठंड में अपने शरीर को गर्म रखें — लेकिन चेहरा खुला रखें। थोड़ी-सी सावधानी आपको सुरक्षित, स्वस्थ और तरोताज़ा रख सकती है।












