Jharkhand News: नए साल की शुरुआत में झारखंड को नया पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल सकता है। वर्तमान में प्रभारी डीजीपी के पद पर तैनात तदाशा मिश्र की सेवा अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। इसके बाद राज्य का अगला डीजीपी कौन होगा, इसे लेकर सरकार स्तर पर मंथन तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य के तीन सीनियर आईपीएस अधिकारियों के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, अब तक राज्य सरकार की ओर से डीजीपी नियुक्ति के लिए यूपीएससी को पैनल नहीं भेजा गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि झारखंड कैबिनेट से स्वीकृत नियमावली के तहत नियमित पोस्टिंग के जरिए डीजीपी की नियुक्ति की जा सकती है।
ये तीन आईपीएस अफसर DGP की रेस में
अनिल पालटा (1990 बैच आईपीएस)
अनिल पालटा राज्य के सख्त और अनुभवी पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं। वे बिहार और झारखंड के कई जिलों में एसपी रह चुके हैं। पलामू में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में व्यापक कॉम्बिंग अभियान चलाया था, जिससे उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण हुआ। डीजी पद पर प्रोन्नति के बाद वे डीजी होमगार्ड एंड फायर सर्विस रह चुके हैं। वर्तमान में वे रेल डीजी के पद पर तैनात हैं।
प्रशांत सिंह (1992 बैच आईपीएस)
प्रशांत सिंह को भी राज्य के बेहतर और अनुभवी अधिकारियों में माना जाता है। उन्होंने बिहार और झारखंड में करीब 32 वर्षों तक विभिन्न जिलों में एसपी और पुलिस मुख्यालय में अहम पदों पर सेवाएं दी हैं। फिलहाल वे डीजी वायरलेस के पद पर कार्यरत हैं।
एमएस भाटिया (1993 बैच आईपीएस)
एमएस भाटिया राज्य के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारियों में शामिल हैं। वे कई जिलों में एसपी रह चुके हैं और रांची के जोनल आईजी का दायित्व भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वे लंबे समय तक सीआरपीएफ में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं। केंद्रीय सेवा से लौटने के बाद उन्हें डीजी होमगार्ड एंड फायर सर्विस के पद पर नियुक्त किया गया। राज्य सरकार की ओर से जल्द ही डीजीपी नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है।
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