Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ‘जी राम जी’ योजना महात्मा गांधी के रामराज्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद भ्रम, हताशा और निराशा की स्थिति में है, इसी कारण वह ‘जी राम जी’ योजना को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
मनरेगा बना भ्रष्टाचार का अड्डा
श्री मरांडी ने कहा कि मनरेगा योजना भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र बन चुकी थी। योजनाएं कागज़ों तक सीमित रह गई थीं और ज़मीन पर उनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं था।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड ने मनरेगा घोटालों में मिसाल कायम की, जहां खूंटी जिले में 24 करोड़ रुपये के गबन के मामले में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जेल जाना पड़ा। राज्य के लगभग सभी जिलों में मनरेगा से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पश्चिम बंगाल के 19 जिलों सहित देश के 23 राज्यों में ऐसे कार्यों का भुगतान दिखाया गया, जिनका ज़मीन पर कोई अस्तित्व नहीं था। कई स्थानों पर श्रम आधारित कार्यों में मशीनों का इस्तेमाल हुआ और 40 प्रतिशत तक कमीशनखोरी के आरोप सामने आए।
100 दिन का रोजगार भी पूरा नहीं
मरांडी ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद केवल 7.61 प्रतिशत परिवार ही मनरेगा के 100 दिन का रोजगार पूरा कर पाए।
हालांकि, मोदी सरकार के 11 वर्षों के प्रयासों से कुछ सकारात्मक बदलाव आए—महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, सक्रिय श्रमिकों की संख्या 12.11 करोड़ तक पहुंची और 99 प्रतिशत भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से हुआ, लेकिन इसके बावजूद भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।
‘जी राम जी’ अधिनियम: मनरेगा का विकसित स्वरूप
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘जी राम जी’ अधिनियम लाया गया है।
यह 20 वर्ष पुराने मनरेगा का अधिक विकसित और व्यापक मॉडल है, जिसमें अब 100 दिन के बजाय 125 दिन के कार्यदिवस की गारंटी दी गई है।
चार प्रमुख श्रेणियों पर फोकस
नए अधिनियम में कार्यों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है—
- जल संरक्षण से जुड़े निर्माण कार्य,
- ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, जैसे सड़कें जो गांवों को बाजार से जोड़ें,
- रोजगार सृजन वाले निर्माण कार्य, जिनमें भंडारण से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं,
- पर्यावरण संरक्षण और आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्य, जैसे मिट्टी कटाव रोकना, बाढ़ से बचाव आदि।
पारदर्शिता के लिए सख्त प्रावधान
मरांडी ने बताया कि अधिनियम में एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली,
जीपीएस मोबाइल आधारित निगरानी,
केंद्र व राज्य स्तरीय निगरानी समितियां,
साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण,
और प्रत्येक पंचायत में साल में दो बार सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है।
किसान और श्रमिक—दोनों को लाभ
उन्होंने कहा कि अधिनियम में कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए 60 दिन की ‘नो-वर्क अवधि’ रखी गई है, ताकि मजदूर खेती के कार्य में लग सकें और किसानों को समय पर श्रमिक मिलें।
शेष 300 दिनों में से 125 दिन रोजगार की गारंटी दी गई है। काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है।
केंद्र और राज्य सरकार का खर्च अनुपात 60:40 रहेगा।
कांग्रेस को हर सुधार से परेशानी
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को इसलिए परेशानी हो रही है क्योंकि—
- मजदूरों को अब 125 दिन काम मिलेगा,
- बेरोजगारी भत्ता मिलेगा,
- भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी,
- और योजना के नाम में ‘राम’ शब्द शामिल है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता ‘जी राम जी’ अधिनियम की खूबियों को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे और कांग्रेस के दुष्प्रचार का पर्दाफाश करेंगे।
प्रेसवार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू, प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।












