Jharkhand News: भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में छेड़छाड़ और काले कानून थोपने के विरोध में आज रांची के मोराबादी मैदान स्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस पार्टी द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन एवं एकदिवसीय उपवास आयोजित किया गया।
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इस कार्यक्रम में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप तुलस्यान, शमशेर आलम, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा, कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा, कांग्रेस नेता रविंद्र सिंह सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Jharkhand News: मनरेगा गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए जीवनदान है
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि
“मनरेगा गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए जीवनदान है। यदि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम वापस नहीं लिया और इसमें की जा रही छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी।”
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उन्होंने कहा कि जब जनता, किसान और मजदूर कष्ट में होते हैं, तो उनका दर्द उन्हें व्यक्तिगत रूप से महसूस होता है। इसी भावना के साथ कांग्रेस पार्टी ने एकदिवसीय उपवास कर भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि जब-जब देश में गरीबों के अधिकारों पर हमला हुआ है, तब-तब कांग्रेस पार्टी ढाल बनकर खड़ी हुई है। आज भी कांग्रेस ही इस देश की जनता के लिए एकमात्र विश्वसनीय विकल्प है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मनरेगा योजना कांग्रेस पार्टी की देन है, जिसे आदरणीय श्रीमती सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में लागू किया गया था। इस योजना से करोड़ों गरीब, किसान और मजदूर परिवारों को रोजगार और सम्मान मिला। मनरेगा को कमजोर करना सीधे तौर पर गरीबों को भूख, बेरोजगारी और पलायन की ओर धकेलने की साजिश है।
भाजपा सरकार के पास न कोई विज़न है, न दूरदर्शिता
स्वास्थ्य मंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के पास न कोई विज़न है, न दूरदर्शिता। यह सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति जानती है। नाम बदलने से न रोजगार बढ़ा, न महंगाई घटी और न ही गरीबों का जीवन सुधरा।
एकदिवसीय अनशन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्वयं सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच के बाद सभी को स्वस्थ पाया गया, जिसके पश्चात कार्यकर्ताओं ने अनशन समाप्त किया।
यह आंदोलन पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। झारखंड के सभी जिलों में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि मनरेगा में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भाजपा सरकार को हर हाल में यह काला कानून वापस लेना होगा।













