Ranchi: झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब इस योजना की लाभुक महिलाएं बिना किसी गारंटी ₹20,000 तक का बैंक ऋण ले सकेंगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता राशि तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है।
इस प्रस्ताव को हाल ही में वित्त विभाग और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। जैसे ही वित्त विभाग की ओर से एसओपी जारी होगी, बैंकों द्वारा लोन वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सरकार के इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि एक ही परिवार की सभी लाभुक महिलाओं को अलग-अलग ऋण लेने का अधिकार मिलेगा। यानी यदि एक परिवार में दो या उससे अधिक महिलाएं मईयां सम्मान योजना की लाभुक हैं, तो सभी को व्यक्तिगत रूप से लोन दिया जाएगा। यह ऋण विशेष रूप से स्वरोजगार और सूक्ष्म व्यवसाय शुरू करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार और बैंकों के बीच हुई चर्चा में यह भी साफ किया गया कि लोन की वसूली प्रक्रिया आसान होगी। बैंकों को यह भरोसा दिया गया है कि लाभुक महिलाओं के खातों में हर माह सरकार द्वारा भेजी जाने वाली राशि से किस्त समायोजित की जा सकेगी, जिससे न तो महिलाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और न ही बैंकों को जोखिम रहेगा।
योजना से जुड़े अहम बिंदु
- लाभुक महिलाओं को ₹20,000 तक का बिना गारंटी ऋण
- ऋण का उपयोग छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार के लिए
- एक परिवार की सभी लाभुक महिलाओं को अलग-अलग लोन
- ऋण वापसी की प्रक्रिया होगी सरल और सुविधाजनक
मईयां सम्मान योजना के तहत फिलहाल राज्य की करीब 51 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। सरकार हर महीने लगभग ₹1250 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर रही है। प्रत्येक लाभुक महिला को ₹2500 प्रतिमाह की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल रही है।
यह योजना 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के लिए लागू है और इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है।
लोन लेने के लिए न्यूनतम कागजी प्रक्रिया
लोन प्रक्रिया को सरल बनाए रखने के लिए सरकार ने यह तय किया है कि
- आवेदन में न्यूनतम दस्तावेज लगेंगे
- आधार कार्ड अनिवार्य होगा
- एसओपी जारी होते ही बैंकों को तेजी से ऋण स्वीकृति और वितरण के निर्देश दिए जाएंगे
सरकार का फोकस है कि महिलाएं इस ऋण का उपयोग सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान, सब्जी व्यवसाय, पशुपालन, मुर्गी पालन जैसे छोटे कामों में करें, जिससे उनकी आमदनी बढ़े और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
कुल मिलाकर, मईयां सम्मान योजना अब केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह योजना झारखंड की महिलाओं को उद्यमी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम बनती जा रही है।












