Dhanbad WhatsApp Scam: साइबर थाना की पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर इस मामले के मुख्य आरोपी मो. अफसर को कर्नाटक के हुबली से गिरफ्तार किया है। रविवार को सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर इस पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा की।
WhatsApp Scam: क्या है पूरा मामला?
बीती 29 जनवरी 2026 को सरायढेला की वनस्थली कॉलोनी निवासी अभय कुमार अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी। ठगों ने व्हाट्सएप पर ‘हिलटॉप हाइराइज प्राइवेट लिमिटेड’ का फर्जी डायरेक्टर बनकर उन्हें झांसे में लिया और भुगतान के नाम पर 50 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।
कर्नाटक के लॉज में छापेमारी
एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए कर्नाटक के हुबली स्थित ‘आर्या दुर्गा लॉज’ में छापेमारी की। वहां से पुलिस ने मो. अफसर (41 वर्ष, निवासी शिवमोगा, कर्नाटक) को दबोचा। वह उस आईसीआईसीआई बैंक खाते का जॉइंट होल्डर है, जिसमें ठगी की राशि भेजी गई थी। पुलिस ने उसके पास से 3 मोबाइल और 3 सिम कार्ड बरामद किए हैं। समय रहते कार्रवाई करते हुए पुलिस ने खाते को फ्रीज कर 12 लाख रुपये की निकासी रोक ली है।
ढाई करोड़ के फर्जी लेन-देन मामले में मनीष सिंह गिरफ्तार
मनीष पर फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा में चालू खाते खुलवाकर महज एक सप्ताह में 2.5 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन करने का आरोप है। उसे 8 मार्च (रविवार) को सरायढेला थाना के पास से पकड़ा गया। इस मामले में पहले भी एक आरोपी प्रियांशु कुमार सिंह को जेल भेजा जा चुका है। यह गिरोह साइबर अपराधियों को ‘म्यूल अकाउंट’ (किराये के खाते) उपलब्ध कराने का काम करता था।
सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि साइबर अपराधी अब व्हाट्सएप चैट का सहारा लेकर भरोसेमंद अधिकारी या डायरेक्टर बनकर ठगी कर रहे हैं। किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज पर बिना पुष्टि किए बड़ी राशि का लेन-देन न करें। हमारी टीम लगातार ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है।
छापामारी दल में साइबर डीएसपी संजीव कुमार, थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद, पु.नि. विष्णु कुमार गोस्वामी, विश्वजीत ठाकुर, स.अ.नि. इफ्तेखार अहमद और आरक्षी दीपक कुमार व अंबुज कुमार बाउरी शामिल थे।












