रांची (झारखंड): राजधानी रांची के हरमू रोड पर ईद की नमाज के बाद माहौल उस वक्त गरमा गया जब बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अंजुमन इस्लामिया के महासचिव डॉ. तारिक के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में ईरान के प्रति एकजुटता जाहिर की गई और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को “अमेरिकी दादागिरी” करार दिया गया।
Ranchi News: अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी और पीएम मोदी से मांग
हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान डॉ. तारिक ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिडिल ईस्ट युद्ध पर देश का रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका इस समय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
“ईरान है भारत का सच्चा मित्र”: डॉ. तारिक
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डॉ. तारिक ने भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे:
- डॉ. तारिक ने कहा कि ईरान ने हर मुश्किल वक्त में भारत का साथ दिया है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): उन्होंने उदाहरण दिया कि मौजूदा तनाव के बीच भी ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देकर अपनी मित्रता निभाई है।
- उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वे ईरान जैसे मित्र देश के हितों और वैश्विक शांति को देखते हुए अपना स्टैंड साफ करें।
Ranchi News: प्रशासन का आभार
विरोध प्रदर्शन के बीच डॉ. तारिक ने रांची जिला प्रशासन की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज के दौरान सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का काम काबिले तारीफ रहा।
रांची में हुआ यह प्रदर्शन न केवल वैश्विक राजनीति पर स्थानीय समुदाय की चिंता को दर्शाता है, बल्कि भारत-ईरान संबंधों की गहराई को भी रेखांकित करता है। “ईरान के समर्थन में रांची में प्रदर्शन” और “अंजुमन इस्लामिया का अमेरिका को जवाब” जैसे विषय सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।












