रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) से जुड़े जमीन घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर अधिग्रहित जमीन की अवैध खरीद-बिक्री करने का गंभीर आरोप है।
ACB की कार्रवाई और मामला दर्ज
Anti Corruption Bureau (ACB) Jharkhand मुख्यालय, रांची के अनुसार यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना कांड संख्या 1/2026 (दिनांक 5 जनवरी 2026) के तहत की गई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित प्रावधानों सहित) के तहत केस दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
ACB ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- राजकिशोर बड़ाईक (सदर, रांची)
- कार्तिक बड़ाईक (सदर, रांची)
- राजेश कुमार झा (सदर, रanchi)
- चैतन कुमार (तोरपा, खूंटी)
कैसे किया गया घोटाला
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी वंशावली (फैमिली रिकॉर्ड) तैयार कर खुद को जमीन का वैध उत्तराधिकारी बताया। इसके बाद RIMS Ranchi campus की अधिग्रहित जमीन को धोखाधड़ी के जरिए खरीदा और बेचा गया। इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी जमीन का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाया गया।
आगे की जांच जारी
ACB के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और इस घोटाले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।












