रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर Anant Ambani ने जन्मदिन से पहले केरल के ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण और मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
Anant Ambani, जो Reliance Industries के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं, 10 अप्रैल को अपना जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। इस खास मौके से पहले उन्होंने केरल के कई प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण और मरम्मत के लिए बड़ी आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
यह पहल भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। इससे पहले भी उन्होंने इस महीने केरल के प्रमुख मंदिरों का दौरा कर संरक्षण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये देने की घोषणा की थी।
पहले भी दे चुके हैं करोड़ों का दान
इस महीने की शुरुआत में Taliparamba Rajarajeshwara Temple और Guruvayur Sri Krishna Temple के लिए कुल 18 करोड़ रुपये के दान का ऐलान किया गया था। इस राशि का उपयोग इन मंदिरों के संरचनात्मक संरक्षण और विरासत को सुरक्षित रखने में किया जाएगा।
कई मंदिरों को मिली नई आर्थिक सहायता
जन्मदिन से पहले इस पहल को आगे बढ़ाते हुए कई अन्य मंदिरों को भी आर्थिक सहयोग दिया गया है:
- Thiruvangad Sree Ramaswamy Temple – 60 लाख रुपये (तांबे की छत का पुनर्निर्माण)
- Kadavallur Sree Ramaswamy Temple – 70 लाख रुपये (नडप्पुरा निर्माण)
- Thriprangode Shiva Temple – 1 करोड़ रुपये (विलक्कुमदम पुनर्निर्माण)
- Thirkkandiyur Mahadeva Temple – 60 लाख रुपये (संरक्षण कार्य)
विरासत संरचनाओं के संरक्षण पर खास फोकस
Anant Ambani की इस पहल में केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है:
- Ariyannur Harikanyaka Temple – 50 लाख रुपये (पवित्र तालाब का नवीनीकरण)
- Niramkaitkotta Bhagavathi Temple – 75 लाख रुपये (पाट्टुपुरा संरक्षण)
इन संरचनाओं का धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी है।
धार्मिक आयोजनों को भी मिला समर्थन
Parappanangadi Nedumparambu Bhagavathi Temple में मंडला व्रत के दौरान आयोजित अन्नदान महोत्सव के लिए 40 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इस आयोजन में 42 दिनों तक श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता है।
मंदिर समितियों ने जताई खुशी
मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कई संरक्षण परियोजनाएं लंबे समय से फंड की कमी के कारण रुकी हुई थीं। अब इस सहयोग से काम तेजी से पूरा किया जा सकेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।
Anant Ambani की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उनके इस योगदान से केरल के कई ऐतिहासिक मंदिरों और संरचनाओं को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।













