Ranchi: रांची के सर्ड सभागार में आयोजित आई गॉट कर्मयोगी पोर्टल की राज्यस्तरीय कार्यशाला में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने अधिकारियों को संवेदनशील और जवाबदेह बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों को सिर्फ दिमाग से नहीं बल्कि दिल से भी सोचने और काम करने की जरूरत है।
सरकार का चेहरा हैं प्रखंड और अंचल कार्यालय
मंत्री ने जोर देकर कहा कि आम जनता के लिए प्रखंड (Block) और अंचल कार्यालय ही सरकार का असली चेहरा होते हैं। मईया सम्मान योजना, अबुआ आवास और सर्वजन पेंशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की सफलता पूरी तरह से अधिकारियों की संवेदनशीलता पर निर्भर है। उन्होंने अधिकारियों को ‘मिशन कर्मयोगी’ से जुड़कर अपनी कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ाने और नवाचार (Innovation) अपनाने की सलाह दी।
सीखने की कोई उम्र नहीं: नवाचार और AI का उपयोग
कार्यशाला में सर्ड के निदेशक राजेश कुमार ने अधिकारियों को समय की बचत और बेहतर जनसेवा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के उपयोग की अहमियत समझाई। मंत्री ने कहा कि बदलते दौर में खुद को ‘अपग्रेड’ करना जरूरी है, ताकि विकास की रफ्तार बढ़ सके।
भीषण गर्मी में पेयजल आपूर्ति का सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन को दोहराते हुए मंत्री ने बीडीओ (BDO) को निर्देश दिया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए पंचायत भवनों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को ‘जवाबदेह’ बनते हुए जनता की समस्याओं को ‘नंगे पांव’ दफ्तर आने वाले गरीब के नजरिए से देखने की अपील की।








