झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने Ranchi जिले में संचालित स्कूली बसों और वैन में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने इस संबंध में उपायुक्त, रांची को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
बिना सहायक स्टाफ के चल रही हैं स्कूल बसें
अजय राय के अनुसार, जिले के कई निजी और सरकारी विद्यालयों द्वारा संचालित स्कूली वाहन केवल ड्राइवर और खलासी के भरोसे चलाए जा रहे हैं, जबकि कई वैन सिर्फ चालक के सहारे ही संचालित हो रही हैं। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है और किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी
सुप्रीम कोर्ट और परिवहन विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक स्कूली वाहन में एक जिम्मेदार शिक्षक या अधिकृत स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य है। यह व्यवस्था बच्चों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने, यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
इसके बावजूद इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में आक्रोश और चिंता बढ़ती जा रही है।
पेरेंट्स एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
- सभी स्कूलों को स्कूली बसों और वैन में शिक्षक/अधिकृत स्टाफ की अनिवार्य नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।
- बिना सहायक स्टाफ के चल रहे वाहनों के खिलाफ सख्त जांच और कार्रवाई की जाए।
- परिवहन और शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया जाए।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील
अजय राय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने जिला प्रशासन से इस संवेदनशील मुद्दे पर शीघ्र संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाने की अपील की है, ताकि अभिभावकों का भरोसा बहाल किया जा सके।












