नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिला आरक्षण बिल पास न हो पाने पर देश की महिलाओं से माफी मांगी है। शनिवार को अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित न होने से देश की नारी शक्ति को बड़ा नुकसान हुआ है।
शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश किया गया था, लेकिन यह आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर सका। इस बिल में लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया था।
लोकसभा में वोटिंग का गणित
विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। बिल को पारित कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, जो पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण यह प्रस्ताव गिर गया।
PM मोदी का विपक्ष पर हमला
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, डीएमके, सपा और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी स्वार्थी राजनीति के कारण देश की महिलाओं को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि संसद में जब यह प्रस्ताव गिरा, तब कुछ विपक्षी दलों के नेता तालियां बजा रहे थे, जो नारी सम्मान के खिलाफ है।
नारी शक्ति को लेकर चेतावनी
PM मोदी ने कहा कि 21वीं सदी की नारी सब कुछ देख रही है और समझ रही है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दलों को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा।
महिलाओं के अधिकार का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह विधेयक किसी से कुछ छीनने का नहीं, बल्कि महिलाओं को उनका अधिकार देने का प्रयास था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार को रोकने का काम किया है।
कैबिनेट बैठक में भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जहां प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन न करके बड़ी गलती की है।
राजनीतिक असर पर नजर
महिला आरक्षण बिल के पास न होने के बाद देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से कितना प्रभाव डालता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।












