Iran-US Conflict: Iran-US Conflictके बीच संघर्ष एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावों और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz), जो दुनिया के तेल व्यापार का लाइफलाइन माना जाता है, उसे ईरान ने फिर से बंद कर दिया है।
ट्रम्प के 7 बड़े दावे: क्या ईरान झुकने को तैयार है?
हाल ही में एक रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर 7 महत्वपूर्ण दावे किए थे:
- होर्मुज स्ट्रेट: ईरान इसे हमेशा खुला रखने पर सहमत हुआ (जो अब टूटता दिख रहा है)।
- नौसैनिक नाकेबंदी: जब तक पूर्ण समझौता नहीं होता, अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी।
- सीजफायर: रविवार से स्थायी युद्धविराम की दिशा में बातचीत शुरू होगी।
- समुद्री बारूद (Mines): ईरान अमेरिका की मदद से समुद्र में बिछाई गई माइन्स हटा रहा है।
- यूरेनियम का हस्तांतरण: ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपेगा।
- परमाणु कार्यक्रम: ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को अनिश्चित काल के लिए रोकने की सहमति दी।
- ज्वाइंट ऑपरेशन: अमेरिका और ईरान न्यूक्लियर साइट्स से यूरेनियम निकालने के लिए साथ काम करेंगे।
Iran-US Conflict: ईरान ने क्यों बंद किया होर्मुज स्ट्रेट?
ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने सीजफायर डील (Ceasefire Deal) का उल्लंघन किया है। ईरान के अनुसार, भरोसे में आकर उन्होंने शुक्रवार को समुद्री रास्ता खोला था, लेकिन अमेरिका ने अपने वादे पूरे नहीं किए और बंदरगाहों पर नाकेबंदी के जरिए सख्ती जारी रखी।
ईरान की कड़ी चेतावनी:
“जब तक अमेरिका हमारे बंदरगाहों से नाकेबंदी (Blockade) नहीं हटाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सेना के नियंत्रण में रहेगी।”
भारतीय तेल टैंकर पर हमला: ताजा अपडेट
रूसी न्यूज एजेंसी RT और एक्सपर्ट मार्टिन केली के अनुसार, ओमान के पास एक भारतीय कच्चे तेल के टैंकर पर ईरानी गनबोट्स द्वारा हमले की खबर है। बताया जा रहा है कि जहाज के पास वहां से गुजरने की अनुमति नहीं थी। यह घटना वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
“ट्रम्प बहुत ज्यादा बोलते हैं”: ईरान का पलटवार
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने तुर्किये में अंताल्या डिप्लोमैटिक फोरम के दौरान ट्रम्प पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा ट्रम्प के बयानों में कोई स्पष्टता नहीं है; वे एक ही समय में अलग-अलग बातें करते हैं। ट्रम्प ने बुधवार तक समझौता न होने पर बमबारी की चेतावनी दी है, जिसे ईरान ने गीदड़भभकी करार दिया।खतीबजादेह ने साफ किया कि अगर हमला हुआ, तो ईरान का “आखिरी सैनिक” रहने तक संघर्ष जारी रहेगा।
होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना केवल दो देशों का मुद्दा नहीं है। यह दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा है। यदि ट्रम्प यूरेनियम लेने की अपनी जिद पर अड़े रहते हैं और ईरान नाकेबंदी नहीं हटने तक पीछे नहीं हटता, तो आने वाले दिनों में कच्चा तेल (Crude Oil) रिकॉर्ड स्तर पर महंगा हो सकता है।













