Hazaribagh : हजारीबाग जिले में हुई अब तक की सबसे बड़ी बैंक डकैती का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं अन्य अपराधियों की तलाश में जुट गई है।
24 अप्रैल को बरही थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा से करीब 4 किलो सोना और 4.22 लाख रुपये की डकैती हुई थी। इस सनसनीखेज मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
संदिग्ध काले रंग की कार से मिली लीड
हजारीबाग एसपी अमन कुमार के अनुसार, इस ऑपरेशन में झारखंड पुलिस ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ समेत कई राज्यों की पुलिस का सहयोग लिया। जांच के दौरान एक संदिग्ध काले रंग की कार की पहचान हुई, जो वाराणसी तक ट्रैक की गई। इसके बाद यूपी के सारनाथ क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई करते हुए कार को घेरकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी पंकज कुमार उर्फ रौनक सिंह, बिहार के नवादा निवासी मोहम्मद अफजल और उत्तर प्रदेश के मऊ निवासी सौरभ कुमार यादव के रूप में हुई है। इनके पास से करीब 1 किलो सोने के आभूषण और 20 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल बिहार के गया रेलवे स्टेशन से बरामद की गई हैं।
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4-5 महीने पहले बनी थी हजारीबाग लूट की प्लान
जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह ने करीब 4-5 महीने पहले ही बैंक को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। व्हाट्सएप के जरिए आपसी संपर्क बनाकर दो महीने तक बैंक की रेकी की गई। पहले 17 अप्रैल को वारदात की योजना थी, लेकिन बाद में 24 अप्रैल को इसे अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हैं और ये देशभर में कई डकैतियों को अंजाम दे चुके हैं। इस केस में कुल 7 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें से बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
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एफएसएल टीम और टेक्निकल सेल की मदद से जुटाए गए साक्ष्यों ने इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सके।








