C. Joseph Vijay Chandrasekhar उर्फ ‘थलपति’ विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में वह कर दिखाया, जिसकी लंबे समय से केवल चर्चा हो रही थी। फिल्मों के सुपरस्टार से सीधे सत्ता के शिखर तक पहुंचे विजय ने 10 मई 2026 को चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके सत्ता में आने के साथ ही राज्य में करीब छह दशकों से चले आ रहे डीएमके और एआईएडीएमके के राजनीतिक वर्चस्व पर विराम लग गया।
विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने 2026 विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटें जीतीं। कांग्रेस समेत सहयोगी दलों के समर्थन से उन्होंने बहुमत साबित किया और सरकार बना ली। एमजी रामचंद्रन और जयललिता के बाद विजय तमिलनाडु के तीसरे बड़े फिल्मी सितारे हैं, जो मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं।
फिल्मी पर्दे से राजनीति तक का सफर
22 जून 1974 को चेन्नई में जन्मे विजय ने अपने पिता और निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर की फिल्म नालैया तीरपू से अभिनय करियर शुरू किया। शुरुआती फिल्मों के बाद उन्होंने 2000 के दशक में लगातार ब्लॉकबस्टर हिट देकर खुद को तमिल सिनेमा का सबसे बड़ा स्टार बना लिया।
Ghilli, Pokkiri, Mersal, Bigil और Leo जैसी फिल्मों ने विजय को ‘थलपति’ की पहचान दिलाई। उनकी फिल्मों की रिलीज किसी त्योहार से कम नहीं मानी जाती थी।
TVK की स्थापना और राजनीतिक भूचाल
2 फरवरी 2024 को विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी TVK की घोषणा की। पार्टी लॉन्च करते हुए उन्होंने कहा था, “यह जनता की सरकार होगी।”
सिर्फ दो वर्षों के भीतर विजय ने तमिल राजनीति का समीकरण बदल दिया। 2026 विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि 1967 के बाद पहली बार डीएमके-एआईएडीएमके के बाहर किसी दल ने सरकार बनाई।
मुख्यमंत्री बनते ही बड़े फैसले
शपथ लेने के तुरंत बाद विजय सरकार ने कई लोकलुभावन और कल्याणकारी घोषणाएं कीं। इनमें सबसे चर्चित फैसले रहे—
- घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
- महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा
- महिला सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स
- नशा तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान
- किसानों के सहकारी ऋण माफी का वादा
- प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए ‘व्हाइट पेपर’ जारी करने की घोषणा
विजय ने कहा कि उनकी सरकार “खुलेपन और पारदर्शिता” के सिद्धांत पर काम करेगी और हर फैसले की जानकारी जनता के सामने रखी जाएगी।
जनता में जबरदस्त उत्साह
चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में हुए शपथ ग्रहण समारोह में हजारों समर्थकों की भीड़ उमड़ी। विजय समर्थकों ने इसे “नए तमिलनाडु की शुरुआत” बताया।
सोशल मीडिया पर #ThalapathyVijay और #TVK लगातार ट्रेंड करते रहे। कई जगहों पर समर्थकों ने आतिशबाजी की, बड़े एलईडी स्क्रीन लगाकर शपथ ग्रहण देखा और विजय के पोस्टर पर फूल बरसाए।
विवादों ने भी घेरा
हालांकि विजय का राजनीतिक सफर पूरी तरह विवादों से मुक्त नहीं रहा। सितंबर 2025 में करूर जिले में आयोजित TVK रैली में भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी, जिसमें 39 लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
इसके अलावा डीएमके और एआईएडीएमके ने विजय की कई योजनाओं को “लोकलुभावन राजनीति” करार देते हुए उनकी आर्थिक व्यवहार्यता पर भी सवाल उठाए हैं।
स्टालिन और पलानीस्वामी से कितना अलग है विजय मॉडल?
जहां पूर्व मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और शिकायत निवारण व्यवस्था को प्राथमिकता दी थी, वहीं विजय ने मुफ्त बिजली, महिला सुरक्षा और किसानों के मुद्दों को अपने शासन का केंद्र बनाया है।
पूर्व मुख्यमंत्री Edappadi K. Palaniswami की सरकार ने मातृत्व सहायता और स्कूटर सब्सिडी जैसी योजनाओं पर फोकस किया था, जबकि विजय खुद को “पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” का चेहरा बताने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या तमिल राजनीति में नया अध्याय शुरू हो चुका है?
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में विजय का उभार केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
फिल्मी लोकप्रियता को राजनीतिक ताकत में बदलने वाले विजय अब असली परीक्षा के दौर में हैं। जनता की उम्मीदें बेहद ऊंची हैं और आने वाले महीने तय करेंगे कि ‘थलपति’ केवल सुपरस्टार हैं या लंबे समय तक टिकने वाले जननेता भी।








