रांची: झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री Alamgir Alam करीब दो साल बाद गुरुवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से बाहर आए। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई। जेल से बाहर आते ही समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जेल गेट पर मौजूद रहे और फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया गया।
रिहाई के बाद आलमगीर आलम सीधे अपने आवास पहुंचे, जहां समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की। इस दौरान उनके समर्थन में नारेबाजी भी होती रही। उनकी रिहाई के बाद झारखंड की सियासत भी गरमा गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी तेज हो गई है।
मीडिया से बातचीत करते हुए Alamgir Alam भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जेल में बिताए गए दो सालों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। उन्होंने कहा, “इन दो सालों में पता चल गया कि कौन अपना है और कौन पराया।” उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में कई मायनों में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि टेंडर कमीशन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद Alamgir Alam को गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर वे बाहर आए हैं। उनकी रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।








