Kodarma जिले में लंबे समय से एक ही कार्यालय और एक ही पद पर जमे कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर जिला प्रशासन की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। प्रशासन की ओर से 29 कर्मचारियों के स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति की सूची जारी की गई है, लेकिन कई मामलों में कर्मचारियों का केवल कागजी तबादला कर उन्हें दोबारा उसी पुराने कार्यस्थल पर प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।
इस व्यवस्था को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी दबे स्वर में इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि संवेदनशील पदों पर लंबे समय से जमे कर्मियों को हटाने की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
जानकारी के मुताबिक जिले में कई कर्मचारी तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत थे। शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश जारी किया गया था कि संवेदनशील पदों पर लंबे समय से पदस्थ कर्मियों का स्थानांतरण किया जाए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
इसी निर्देश के अनुपालन में जिला प्रशासन ने स्थानांतरण सूची जारी की, लेकिन कई कर्मचारियों को नई जगह पदस्थापित करने के साथ-साथ उनकी प्रतिनियुक्ति फिर पुराने कार्यालय या पूर्व कार्यस्थल पर ही कर दी गई। इससे प्रशासन की मंशा और स्थानांतरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जिले में अब यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यदि कर्मचारी पुराने स्थान पर ही कार्य करते रहेंगे, तो स्थानांतरण का उद्देश्य आखिर क्या रह जाएगा।








