Ranchi: झारखंड में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में आम, लीची, तरबूज, खरबूज, मक्का, दलहन और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इरफान अंसारी ने विभागीय सचिव विप्रा भल के साथ बैठक कर सभी जिलों के उपायुक्तों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।
3 दिनों में मांगी गई नुकसान की रिपोर्ट
मंत्री ने सभी डीसी को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत क्षति रिपोर्ट सरकार को सौंपें। उन्होंने कहा कि Hemant Soren सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
आपदा राहत कोष में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आपदा राहत मद में 100 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है। यह राशि अतिवृष्टि, सर्पदंश, सड़क दुर्घटना, गैस रिसाव, डूबने, आंधी-तूफान और ग्रीष्म लहर जैसी आपदाओं से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए खर्च की जाएगी।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदा प्रबंधन और आकस्मिक योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है।
जिलों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सभी उपायुक्त संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करें। उन्होंने साफ कहा कि राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








