Ranchi: Jharkhand की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। Bharatiya Janata Party और Indian National Congress के बीच अस्पतालों की बदहाली, डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। भाजपा ने राज्य सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह फेल करने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा को उसके पुराने शासनकाल की याद दिलाई है।
BJP का आरोप- Jharkhand का स्वास्थ्य विभाग ICU में
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य विभाग खुद “आईसीयू” में पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, दवा और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।
उन्होंने सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत की घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण है। भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari के कार्यकाल में दवा खरीद, टेंडर प्रक्रिया और आयुष्मान योजना में कथित गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए।
भाजपा ने यह भी दावा किया कि रांची सदर अस्पताल में मरीजों को पूरी दवा नहीं दी जा रही है और दवाओं की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही हैं। पार्टी ने मामले की जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
Congress का पलटवार- भाजपा जनता को कर रही गुमराह
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सी सिन्हा ने भाजपा के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले अपने 20 वर्षों के शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के स्वास्थ्य बजट में लगातार कटौती कर रही है। पार्टी ने कहा कि कोविड काल में ऑक्सीजन संकट और अस्पतालों की बदहाली देश देख चुका है, इसलिए भाजपा को नैतिकता की बात नहीं करनी चाहिए।
कांग्रेस ने दावा किया कि राज्य सरकार डॉक्टरों की नियुक्ति, दवा उपलब्धता और ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। पार्टी ने कहा कि कुछ अलग-अलग घटनाओं के आधार पर पूरे स्वास्थ्य सिस्टम को बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
Jharkhand Health System पर फिर छिड़ी राजनीतिक बहस
Jharkhand में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्ष जहां अस्पतालों की बदहाली को सरकार की विफलता बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष भाजपा पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगा रहा है।








