Jharkhand: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। राज्य में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नवजीवन’ (Operation Navjeevan) के तहत आज एक साथ 25 नक्सलियों और झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के 2 कट्टर उग्रवादियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला करते हुए आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया है।
सुरक्षा बलों और पुलिस प्रशासन के बढ़ते दबाव और सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर इन कुल 27 विद्रोहियों ने अपने हथियार डाल दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण राज्य में नक्सली नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
इस आत्मसमर्पण के दौरान सुरक्षा बलों को भारी सफलता मिली है। नक्सलियों और उग्रवादियों के पास से 16 खतरनाक और आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही, उनके छिपे हुए ठिकानों और सरेंडर के दौरान 2500 से ज्यादा जिंदा गोलियां (अम्युनिशन) बरामद की गई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में गोला-बारूद की बरामदगी से सुरक्षा बलों ने किसी बड़ी हिंसक साजिश को नाकाम कर दिया है।
‘ऑपरेशन नवजीवन’ का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं और उग्रवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापस लाना है। इसके तहत नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया जाता है और सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें रोजगार और मुख्यधारा में जीने के अवसर दिए जाते हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि हिंसा का रास्ता चुनने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, लेकिन जो आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा।








