Ranchi: दिल्ली में आयोजित आदिवासी समागम को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि भाजपा आदिवासी समाज के नाम पर बड़े-बड़े कार्यक्रम कर रही है, लेकिन जमीन पर आदिवासियों के अधिकार लगातार कमजोर हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी समाज की भावनाओं का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों का अधिकार लगातार प्रभावित हो रहा है, जबकि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर चुप है।
सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट बनकर रह गया समागम- सुखदेव भगत
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि झारखंड, छत्तीसगढ़ और अन्य आदिवासी क्षेत्रों में वन अधिकार कानून कमजोर किया जा रहा है और विस्थापन की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी युवाओं में बेरोजगारी बढ़ी है और शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था भी बदहाल है।
सुखदेव भगत ने कहा कि दिल्ली में आयोजित आदिवासी समागम केवल “इवेंट मैनेजमेंट” बनकर रह गया है। उन्होंने सरना धर्म को प्रकृति और आदिवासी संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे चुनावी राजनीति का हथियार बनाना आदिवासी समाज का अपमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड विधानसभा से सरना धर्म कोड का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं हुई।
भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटका रही-रामेश्वर उरांव
विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि भाजपा सरकार जंगल कटाई, भूमि अधिग्रहण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन जैसे गंभीर मुद्दों पर खामोश है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अब केवल नारों से नहीं बल्कि अपने अधिकार और सम्मान की राजनीति चाहता है।
कांग्रेस ने आदिवासी अधिकारों के समर्थन का किया दावा
कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और पहचान की लड़ाई में साथ खड़ी रही है। उन्होंने भाजपा पर धर्म और संस्कृति के नाम पर समाज में तनाव पैदा करने का आरोप लगाया।









