Ranchi: राजधानी रांची में भीषण गर्मी के बीच पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में सरकारी बोरिंग ठप होने से स्थानीय नागरिकों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए आज, 31 मई 2026 को झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव अजय सिंह ने रांची के उपायुक्त (DC) और नगर निगम प्रशासक से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा है और त्वरित राहत देने की अपील की है।
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Ranchi: सरकारी बोरिंग ठप होने के तीन मुख्य कारण
अजय सिंह ने शहर में बंद पड़े सरकारी बोरिंग की स्थिति को रेखांकित करते हुए प्रशासन को इसके पीछे के तीन बड़े कारण बताए:
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वॉटर लेवल का नीचे जाना: शहर के कई इलाकों में पानी का लेयर (जलस्तर) काफी नीचे भाग गया है, जिससे बोरिंग ने पानी देना बंद कर दिया है।
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पाइप की कमी: कई जगहों पर बोरिंग तो है, लेकिन उनमें पर्याप्त पाइप नहीं होने के कारण पानी ऊपर तक नहीं आ पा रहा है।
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मोटर की मरम्मत में लापरवाही: कई बोरिंग की मोटरें जल चुकी हैं। मरम्मत के नाम पर कर्मचारी मोटर निकाल कर ले तो गए हैं, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें ठीक करके वापस नहीं लगाया गया है।
“सरकारी बोरिंग बंद होने और मरम्मत में हो रही देरी के कारण आम जनता पानी की बूंद-बूंद को मोहताज है। प्रशासन को इस दिशा में तुरंत सख्त कदम उठाने की जरूरत है।” — अजय सिंह, संयुक्त सचिव, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी
कांग्रेस नेता ने की ये दो मुख्य मांगें
पेयजल संकट से जूझ रहे रांची वासियों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए अजय सिंह ने प्रशासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
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बोरिंग की तत्काल मरम्मत: शहर के सभी प्रभावित इलाकों में जितने भी सरकारी बोरिंग खराब पड़े हैं, उनकी पूर्ण रूप से मरम्मत कर उन्हें जल्द से जल्द चालू किया जाए।
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युद्ध स्तर पर टैंकरों से पानी का वितरण: जब तक बोरिंग ठीक नहीं हो जाते, तब तक शहर के जल संकट वाले क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर टैंकरों के माध्यम से पानी का वितरण सुनिश्चित किया जाए ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि भीषण गर्मी के इस दौर में रांची के नागरिकों को इस समस्या से कब तक निजात मिलती है।










