Jharkhand News: झारखंड में नशे के कारोबार पर बड़ी चोट, ड्रग तस्करों की सूचना देने वालों को मिलेगा करोड़ों का इनाम।
झारखंड सरकार ने राज्य से नशे के अभिशाप को जड़ से मिटाने के लिए एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और वितरण नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक नई रिवॉर्ड पॉलिसी की घोषणा की है। इस पहल के तहत, नशे के सौदागरों और उनके सिंडिकेट की सटीक सूचना देने वाले व्यक्तियों को 2 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम इनाम दिया जाएगा। यह कदम राज्य में मादक पदार्थों के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति को और मजबूती प्रदान करता है।
इनाम के लिए चिह्नित मुख्य क्षेत्र
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इनाम की राशि केवल प्रत्यक्ष जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नशे के पूरे तंत्र को तोड़ने के उद्देश्य से दी जाएगी। निम्नलिखित श्रेणियों में सूचना देने पर पुरस्कार दिया जाएगा:
- मादक पदार्थों की तस्करी: अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय सीमाओं से होने वाली नशीले पदार्थों की आवाजाही।
- अवैध खेती: राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में होने वाली गांजा और अफीम की खेती की सटीक लोकेशन।
- भंडारण और परिवहन: अवैध गोदामों जहाँ भारी मात्रा में ड्रग्स छिपा कर रखे गए हों, या परिवहन के लिए उपयोग किए जा रहे वाहनों की जानकारी।
- अवैध संपत्ति: नशे के कारोबार से अर्जित की गई बेनामी संपत्तियों और धन का विवरण।
- NDPS एक्ट के तहत मामले: नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) के तहत बड़े अपराधियों की गिरफ्तारी में सहायक सूचना।
पुरस्कार के मानदंड और सीमा
इनाम की राशि का निर्धारण मुख्य रूप से जब्त किए गए मादक पदार्थों की मात्रा, उनके अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य और उस सूचना से नष्ट हुए नेटवर्क की गहराई पर निर्भर करेगा।
- छोटे नेटवर्क: स्थानीय स्तर पर छोटी बरामदगी के लिए निर्धारित स्लैब के अनुसार राशि दी जाएगी।
- बड़े सिंडिकेट: यदि सूचना किसी अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर के बड़े ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करती है, तो इनाम की अधिकतम राशि 2 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
- नशीले पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता भी इनाम की गणना का आधार बनेगी।
सहभागिता: नागरिक और विभाग दोनों के लिए अवसर
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता है। इसमें न केवल आम नागरिक हिस्सा ले सकते हैं, बल्कि सरकारी मशीनरी को भी प्रोत्साहित किया गया है:
- आम नागरिक: कोई भी व्यक्ति जो नशे के व्यापार के बारे में विश्वसनीय जानकारी रखता है, वह सूचना साझा कर सकता है।
- कानून प्रवर्तन कर्मी: पुलिस अधिकारी और अन्य सुरक्षा बलों के जवान, जिन्होंने असाधारण साहस और सूझबूझ दिखाते हुए बड़ी बरामदगी की हो, वे भी इस रिवॉर्ड के पात्र होंगे।
गोपनीयता की पूर्ण गारंटी
सूचना देने वाले की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि:
- मुखबिर (Informant) की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
- सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक सुरक्षित तंत्र विकसित किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर नाम उजागर न हो।
- पहचान उजागर किए बिना इनाम की राशि का भुगतान सुरक्षित माध्यमों से सुनिश्चित किया जाएगा।
अवैध संपत्ति की जब्ती और वित्तीय चोट
नशे के सौदागरों की कमर तोड़ने के लिए केवल ड्रग्स पकड़ना पर्याप्त नहीं है। सरकार ने प्रावधान किया है कि यदि कोई मुखबिर नशे के कारोबार से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों की जानकारी देता है, और उस सूचना के आधार पर उन संपत्तियों को ‘फ्रीज’ या जब्त किया जाता है, तो उस संपत्ति के मूल्य के अनुपात में भी इनाम दिया जाएगा।
निर्णय लेने वाली उच्च स्तरीय समिति
इनाम की राशि का निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन करने के लिए एक राज्य स्तरीय समिति (State Level Committee) का गठन किया गया है। इस समिति में निम्नलिखित विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे:
- गृह विभाग (Home Department)
- झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के विशेषज्ञ
यह समिति सूचना की सत्यता, बरामदगी की गंभीरता और कानून के दायरे में मामले की मजबूती की समीक्षा करने के बाद पुरस्कार की घोषणा करेगी।
जनभागीदारी से नशामुक्त झारखंड
झारखंड सरकार की यह पहल केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है, बल्कि नशे के खिलाफ युद्ध में जनता को भागीदार बनाने का एक सशक्त प्रयास है। करोड़ों रुपये के इनाम का प्रावधान यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी गंभीर है। जब आम जनता और कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर काम करेंगी, तो नशे के सौदागरों के लिए राज्य में छिपने की कोई जगह नहीं बचेगी। यह कदम निश्चित रूप से झारखंड की युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार से बचाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।








