Ranchi: NEET परीक्षा को लेकर देश की राजनीति लगातार गर्म होती जा रही है। दिल्ली में मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने पीएम आवास के पास धरना दिया। विपक्ष की मांग थी कि NEET मामले पर संसद में चर्चा कराई जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
धरना कई घंटों तक चला, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की भी खबर सामने आई। मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
दिल्ली का असर झारखंड में
इधर, दिल्ली की इस घटना का असर झारखंड में भी देखने को मिला। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही पीएम आवास के पास धरना दे रहे विपक्षी नेताओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी का भी विरोध किया।
जवाब देने से बच रही है सरकार
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे गंभीर आरोपों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। इस दौरान झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे नेताओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष की मांगें छात्रों के हित में हैं। फिलहाल NEET मुद्दे को लेकर दिल्ली से लेकर झारखंड तक राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी संघर्ष और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।








