रांची: झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार को छात्र आंदोलन के समर्थन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से राजभवन मार्च और विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, सह प्रभारी बेला प्रसाद, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, विधायक राजेश कच्छप समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

राजभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सुरक्षा कारणों से राजभवन के समीप रोक दिया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, के. राजू समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के तहत स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी।
गिरफ्तारी के बाद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोतवाली थाना (अपर बाजार) लाया गया, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंच गए। देखते ही देखते पूरा थाना परिसर कार्यकर्ताओं से भर गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लगातार “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा दो” के नारे लगाए। कांग्रेस का कहना है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लगातार थाने पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दे रहे हैं, जिससे पूरा थाना परिसर आंदोलन का केंद्र बन गया।

प्रदर्शन के मद्देनजर राजभवन और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राजभवन की ओर बढ़ने से रोका और बाद में उन्हें पुलिस वाहनों से मौके से हटाया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों की आवाज़, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से हिरासत और पुलिस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने राजभवन पहुंचे थे।







