Shibu Soren Padma Bhushan: झारखंड आंदोलन के महानायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक Shibu Soren को मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया जा रहा है। राष्ट्रपति भवन में 23 जून को आयोजित सिविल इन्वेस्टिचर समारोह के दूसरे चरण में राष्ट्रपति Droupadi Murmu यह सम्मान प्रदान करेंगी। आधिकारिक कार्यक्रम में शिबू सोरेन का नाम पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल है।
पत्नी रूपी सोरेन ग्रहण करेंगी सम्मान
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ग्रहण करेंगी। उनके साथ बहू और झारखंड की राजनीति में सक्रिय नेता Kalpana Soren भी मौजूद रहेंगी। दोनों सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। झामुमो नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि परिवार की ओर से यही प्रतिनिधिमंडल सम्मान ग्रहण करेगा।
Shibu Soren Padma Bhushan: क्यों दिया जा रहा है पद्म भूषण?
शिबू सोरेन को सार्वजनिक जीवन में उनके दीर्घकालिक योगदान, आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई और अलग झारखंड राज्य के गठन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने दशकों तक जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाया तथा आदिवासी समुदाय को राजनीतिक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहले ही हुई थी घोषणा
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसी सूची में शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2026 में कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी गई, जिनमें 13 पद्म भूषण सम्मान शामिल हैं।
झारखंड आंदोलन के प्रतीक थे शिबू सोरेन
शिबू सोरेन को झारखंड में “दिशोम गुरु” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने आदिवासियों और वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। झारखंड राज्य के गठन के आंदोलन में उनकी भूमिका को निर्णायक माना जाता है। यही कारण है कि उनके समर्थक और झामुमो कार्यकर्ता इस सम्मान को केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे झारखंड आंदोलन के सम्मान के रूप में देख रहे हैं।
झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण
शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। राज्यभर में उनके समर्थकों और आदिवासी समाज के बीच उत्साह का माहौल है। यह सम्मान उनके संघर्ष, नेतृत्व और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








