Jamshedpur: शहर के बहुचर्चित डीडी बार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपित और दो लाख रुपये के इनामी अपराधी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार को पुलिस से बचते हुए जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और उसे इस पूरे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता मान रही थी।
विश्वनाथ मंडल सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया का रहने वाला है। उसके आत्मसमर्पण के बाद अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को उससे पूछताछ के जरिए इस सनसनीखेज मामले में कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार, भाजपा नेता नीरज सिंह भी पहुंचे जेल
डीडी बार हत्याकांड में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक इस मामले में 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इससे पहले रविवार को डीडी बार के मालिक और भाजपा नेता नीरज सिंह को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, वह अपने बेटे के साथ खाटू श्याम मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके अलावा बार के प्रबंधक विजय कुमार को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
27 जून की रात हुआ था खूनी हमला
यह सनसनीखेज घटना 27 जून की रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार परिसर में हुई थी।
पुलिस जांच के मुताबिक, हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके दो साथियों का बार में मौजूद दूसरे पक्ष के युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपितों ने कुल्हाड़ी, चाकू, चापड़ और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
हमले में हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद गंभीर रूप से घायल हो गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह ने 29 जून को टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि प्रत्युष आनंद का इलाज फिलहाल कोलकाता के अपोलो अस्पताल में जारी है।
हिमांशु की मौत के बाद पूरे शहर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था और मामले ने राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर भी तूल पकड़ लिया था।
किन-किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है FIR?
हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह की शिकायत पर बिष्टुपुर थाना में हत्या, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें—
- डीडी बार मालिक नीरज सिंह
- प्रबंधक विजय कुमार
- सोनू राम सरदार
- विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा
- राहुल
- राज लोहार
- अमित लोहार
- अर्जुन लोहार
- गणेश लोहार
- लखन मार्डी
- तथा अन्य अज्ञात आरोपी शामिल हैं।
पुलिस अब तक तीन किशोरों सहित सोनू राम सरदार और राज लोहार को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
झारखंड से लेकर बेंगलुरु और कोलकाता तक चली थी तलाश
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए गठित SIT ने झारखंड के अलावा कोलकाता और बेंगलुरु सहित कई शहरों में लगातार छापेमारी की थी।
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच एजेंसी ने दबाव बनाने के लिए उसके परिजनों से भी पूछताछ की थी। वहीं, नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद एएसपी ऋषभ द्विवेदी के नेतृत्व में बिष्टुपुर थाना में SIT की विशेष बैठक भी हुई, जिसमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच की प्रगति की समीक्षा की गई।
अब पूछताछ से खुल सकते हैं कई बड़े राज
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के आत्मसमर्पण के बाद जांच एजेंसियों की नजर अब उससे होने वाली पूछताछ पर टिकी है। पुलिस का मानना है कि उसके बयान से इस चर्चित हत्याकांड की साजिश, हमले की पूरी योजना, अन्य फरार आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे के कारणों को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
SIT फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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