नई दिल्ली: जब भी निवेश की बात होती है तो सबसे पहले शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, SIP, सोना या रियल एस्टेट का नाम आता है। लेकिन अब दुनिया भर के हाई नेटवर्थ निवेशकों के बीच एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है-लग्जरी घड़ियों में निवेश (Luxury Watch Investment)।
अब महंगी घड़ियां सिर्फ समय देखने या स्टेटस सिंबल तक सीमित नहीं रह गई हैं। दुनिया के कई निवेशक इन्हें Alternative Asset यानी वैकल्पिक निवेश के रूप में खरीद रहे हैं। खास बात यह है कि कुछ चुनिंदा प्रीमियम घड़ियों की कीमत समय के साथ इतनी बढ़ी है कि उन्होंने कई पारंपरिक निवेश विकल्पों को भी कड़ी टक्कर दी है।
क्यों बढ़ रही है लग्जरी घड़ियों में निवेश की लोकप्रियता?
लग्जरी घड़ियों की कीमत केवल उनके डिजाइन या ब्रांड के कारण नहीं बढ़ती, बल्कि इसके पीछे कई बड़े कारण होते हैं।
- सीमित संख्या (Limited Production)
- ब्रांड की वैश्विक प्रतिष्ठा
- बेहतरीन हस्तकला (Craftsmanship)
- कलेक्टर्स की बढ़ती मांग
- समय के साथ कम होती उपलब्धता
यही वजह है कि Rolex, Patek Philippe और Audemars Piguet जैसे ब्रांड्स के कुछ चुनिंदा मॉडल सेकेंडरी मार्केट में प्रीमियम कीमत पर बिकते हैं।
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क्या वाकई 34% तक रिटर्न मिलता है?
हाल के वर्षों में लग्जरी घड़ियों को लेकर “34% रिटर्न” का दावा काफी चर्चा में रहा है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह हर घड़ी या हर साल मिलने वाला रिटर्न नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह आंकड़ा कुछ चुनिंदा प्रीमियम घड़ियों के एक निश्चित समय में हुए कुल (Cumulative) मूल्य वृद्धि पर आधारित है। यानी सही मॉडल और सही समय पर खरीदी गई घड़ियां ही बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।
हर लग्जरी घड़ी निवेश नहीं होती
यह सबसे बड़ी गलतफहमी है कि हर महंगी घड़ी भविष्य में महंगी हो जाएगी। असलियत यह है कि अधिकांश लग्जरी घड़ियां खरीदने के बाद अपनी कीमत खो देती हैं। केवल कुछ लिमिटेड एडिशन, हाई डिमांड और दुर्लभ मॉडल ही समय के साथ अपनी कीमत बढ़ाते हैं।
किन घड़ियों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है?
वैश्विक बाजार में इन ब्रांड्स की घड़ियों को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है-
- Rolex Daytona
- Rolex Submariner
- Rolex GMT-Master II
- Patek Philippe Nautilus
- Patek Philippe Aquanaut
- Audemars Piguet Royal Oak
इन मॉडलों की मांग अक्सर सप्लाई से ज्यादा रहती है, जिससे इनकी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
किन कारणों से बढ़ती है घड़ी की कीमत?
घड़ी की कीमत बढ़ने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण होते हैं-
- लिमिटेड एडिशन होना
- उत्पादन बंद (Discontinued Model) हो जाना
- ओरिजिनल बॉक्स और दस्तावेज मौजूद होना
- बेहतरीन कंडीशन
- सेलिब्रिटी या ऐतिहासिक महत्व
इनमें से किसी एक भी पहलू की कमी कीमत को प्रभावित कर सकती है।
भारत में भी तेजी से बढ़ रहा है यह ट्रेंड
भारत में भी अब युवा उद्यमी, स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्योगपति और हाई नेटवर्थ निवेशक लग्जरी घड़ियों को Wealth Preservation Asset के रूप में देख रहे हैं। ऑनलाइन ऑक्शन प्लेटफॉर्म, रिसेल मार्केट और बढ़ती जागरूकता ने इस सेक्टर को नई गति दी है।
क्या लग्जरी घड़ियां शेयर बाजार का विकल्प हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका जवाब नहीं है। लग्जरी घड़ियां पोर्टफोलियो को विविध बनाने (Portfolio Diversification) का एक विकल्प हो सकती हैं, लेकिन इन्हें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड इनकम निवेश का विकल्प नहीं माना जा सकता।
इस बाजार में लिक्विडिटी कम होती है और सही खरीदार मिलने में समय लग सकता है। साथ ही, कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलता है।
अगर निवेश करना चाहते हैं तो इन 5 बातों का रखें ध्यान
- केवल प्रतिष्ठित ब्रांड की घड़ी खरीदें।
- अधिकृत डीलर या विश्वसनीय विक्रेता से ही खरीदारी करें।
- ओरिजिनल बॉक्स, बिल और वारंटी कार्ड सुरक्षित रखें।
- लिमिटेड एडिशन और हाई डिमांड मॉडल को प्राथमिकता दें।
- इसे शॉर्ट टर्म नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म निवेश के रूप में देखें।
लग्जरी घड़ियां आज सिर्फ फैशन या स्टेटस सिंबल नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ निवेश विकल्प बन चुकी हैं। हालांकि, इसमें सफलता केवल महंगी घड़ी खरीदने से नहीं मिलती। सही ब्रांड, सही मॉडल, बाजार की समझ और लंबी निवेश अवधि ही बेहतर रिटर्न की कुंजी है। इसलिए यदि आप इस क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं, तो पहले पूरी रिसर्च करें और इसे अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो का सीमित हिस्सा ही बनाएं।









