तेहरान: Iran से सामने आई एक कथित ‘हिट लिस्ट’ ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ईरानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के पहले सार्वजनिक संबोधन के बाद एक ग्राफिक जारी किया गया, जिसमें अमेरिका, इजरायल और यूरोप के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही ईरानी सरकार की ओर से इस सूची को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
ग्राफिक में ट्रंप और नेतन्याहू को दिखाया गया निशाने पर
ईरानी मीडिया में प्रसारित ग्राफिक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरों पर स्नाइपर के क्रॉसहेयर (निशाने का चिन्ह) दिखाया गया है। वहीं अन्य नेताओं को नारंगी रंग की जेल की वर्दी में दर्शाया गया है।
कथित सूची में शामिल प्रमुख नेताओं के नाम
- डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति)
- बेंजामिन नेतन्याहू (इजरायली प्रधानमंत्री)
- कीर स्टारमर (ब्रिटेन के प्रधानमंत्री)
- इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस के राष्ट्रपति)
- जियोर्जिया मेलोनी (इटली की प्रधानमंत्री)
- फ्रेडरिक मर्ज (जर्मनी के चांसलर)
- मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री)
- पीट हेगसेथ (अमेरिकी रक्षा मंत्री)
- ब्रैड कूपर (अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर)
- माइक हकाबी (इजरायल में अमेरिकी राजदूत)
- एयाल जमीर (इजरायली रक्षा बलों के चीफ ऑफ स्टाफ)
- गिदोन सार (इजरायल के विदेश मंत्री)
मोजतबा खामेनेई के नाम से जुड़ा बयान
La ‘lista de la venganza de Irán’: Netanyahu, Trump, Rubio o Hegseth, pero también Merz, Macron o Meloni https://t.co/xgvf0wE3lr pic.twitter.com/fSGyvyj1zX
— Kimerius (@kimerius) July 13, 2026
रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई के नाम से जारी बयान में कहा गया कि “प्रतिशोध हमारे राष्ट्र की सामूहिक इच्छा है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।”
बयान में यह भी दावा किया गया कि सूची में शामिल लोगों को अपने जीवन के अंत तक इसका परिणाम भुगतना होगा। हालांकि, इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ट्रंप की सुरक्षा को लेकर पहले भी सामने आ चुके हैं दावे
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पहले ट्रंप के खिलाफ संभावित ईरानी साजिश से जुड़े इनपुट मिले थे। इसी संदर्भ में यह भी कहा गया कि हाल के एक अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त बदलाव किए गए थे।
इन दावों पर अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंताएं
रिपोर्ट में अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते सैन्य तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, हालिया सैन्य कार्रवाइयों और समुद्री मार्गों को लेकर दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से की जानी आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के बयान या ग्राफिक आधिकारिक स्तर पर स्वीकार किए जाते हैं, तो इससे पहले से तनावपूर्ण पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।








