Hazaribagh: झारखंड का ऐतिहासिक जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी केंद्रीय कारा) जल्द ही देश की चुनिंदा हाई सिक्योरिटी जेलों की सूची में शामिल होने जा रहा है। जेल परिसर से सटी करीब 25 एकड़ भूमि पर बन रही हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। वर्ष 2023 में शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस आधुनिक जेल को जल्द ही संचालन के लिए तैयार करने की योजना है। जेल प्रशासन के अनुसार निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है और नियमित रूप से इसकी प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा रही है।
अस्पताल को छोड़ अधिकांश भवन बनकर तैयार
हाई सिक्योरिटी जेल के लिए प्रशासनिक भवन, जेल अधीक्षक आवास, कार्यालय, डॉक्टर आवास, कारापाल और सहायक कारापाल आवास, पाकशाला, जेल सिपाहियों के बैरक, क्वार्टर, वॉच टावर, फेंसिंग और चारदीवारी सहित अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं।
फिलहाल जेल परिसर में बनने वाले अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इसके पूरा होते ही पूरी परियोजना लगभग तैयार हो जाएगी।
गैंगस्टर और खूंखार अपराधियों के लिए बनेगी विशेष जेल
नई हाई सिक्योरिटी जेल में केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के संगठित अपराध से जुड़े गैंगस्टर, कुख्यात अपराधी और अत्यंत संवेदनशील बंदियों को रखने की व्यवस्था होगी।
इस जेल में लगभग 250 से 280 बंदियों को रखने की क्षमता होगी। ऐसे अपराधियों को देखते हुए यहां बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है।
5G जैमर, AI सर्विलांस और ड्रोन से होगी निगरानी
हाई सिक्योरिटी जेल को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे—
- 5G जैमर
- इलेक्ट्रिक फेंसिंग
- हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे
- AI आधारित सर्विलांस सिस्टम
- ड्रोन कैमरा निगरानी
- अत्याधुनिक सुरक्षा नियंत्रण प्रणाली
इन तकनीकों के जरिए बंदियों की हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।
सेलुलर जेल की तर्ज पर तैयार हो रही है नई जेल
निर्माण कार्य से जुड़े सूत्रों के अनुसार, Hazaribagh की यह हाई सिक्योरिटी जेल पोर्ट ब्लेयर स्थित ऐतिहासिक सेलुलर जेल की अवधारणा को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य न केवल बंदियों पर कड़ी निगरानी रखना है, बल्कि जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
जेल अधीक्षक ने क्या कहा?
जेपी केंद्रीय कारा, हजारीबाग के अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन ने बताया कि हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अस्पताल भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है और परियोजना की नियमित प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आवश्यक कार्य पूरे होने के बाद इस हाई सिक्योरिटी जेल का संचालन जल्द शुरू कर दिया जाएगा।







